उत्तराखंड : जेल में हो गई थी कैदी की मौत! कोर्ट ने दिया ये बड़ा आदेश

हल्द्वानी : 6 मार्च को हल्द्वानी जेल में काशीपुर कुंडेश्वरी निवासी कैदी की हुई मौत के मामले में हल्द्वानी जेल के 4 कर्मचारियों के खिलाफ सीजेएम कोट नैनीताल ने हल्द्वानी कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। दरअसल, पांच मार्च को कुंडेश्वरी पुलिस ने कैदी को बेटी से छेड़छाड़ के आरोप में जेल भेजा था। अगले ही दिन छह मार्च को हल्द्वानी जेल में उसकी मौत हो गयी।

कैदी की मौत के बाद जेल प्रशासन के ऊपर सवाल खड़े उठने शुरू हो गए, जिसके बाद मृतक की पत्नी ने जेल कर्मियों पर उसके पत्नी से मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया था। यहां तक कि महिला न्याय के लिए हल्द्वानी कोतवाली से लेकर काशीपुर में धरने पर बैठी रही। यही नहीं जमानत पर छूटे राहुल श्रीवास्तव नाम के एक कैदी ने पूरे मामले में जेल कर्मचारियों के ऊपर कैदी के साथ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित के पत्नी के साथ हल्द्वानी कोतवाली पहुंचकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी।

लेकिन, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। बाद में काशीपुर के अधिवक्ता संजीव कुमार आकाश ने कार्रवाई के लिए कोर्ट की शरण में जाने और महिला को न्याय दिलाने का बीड़ा उठाते हुए निशुल्क केस लड़ने की घोषणा करते हुए सीजेएम कोर्ट नैनीताल की शरण ली, जिसमे उप कारागार हल्द्वानी के हेड देवेंद्र प्रसाद यादव, कृति नैनवाल, देवेंद्र रावत और बंदी रक्षक हरीश रावत को केस में आरोपित बनाते बनाया था।

कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार के बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद हल्द्वानी कोतवाली पुलिस को आदेश दिया था कि पुलिस पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करें। अधिवक्ता संजीव कुमार आकाश ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कैदी के साथ जमकर मारपीट की रिपोर्ट सामने आई है जिसमें कैदी को जगह जगह पर चोट के निशान भी पाए गए थे।

ऐसे में उन्होंने न्यायालय से पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सच्चाई सामने लाने की गुहार लगाई थी जिसके बाद कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है। वहीं इस पूरे मामले में हल्द्वानी कोतवाल मनोज रतूड़ी का कहना है कि कोर्ट के आदेश अभी पुलिस तक नहीं पहुंचा है। आदेश मिलते हैं आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।

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