2005 बैच की महिला दारोगा ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखी ये बात

कोरोना काल में वर्दीधारियों ने अहम भूमिका निभाई। भूखों को खाना खिलाया। गरीबों को राशन बांटा। लेकिन पुलिस की पीड़ा किसी ने समझी…24 घंटे की ड्यूटी के साथ छुट्टी मुश्किल से मिलना और काम का भार…आज का मामला पुलिस से जुड़ा है। जी हां बता दें कि यूपी बुलंदशहर में एक महिला दारोगा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जानकारी मिली है कि महिला दारोगा ने सुसाइड नोट भी छोड़ा है। जिसमे दारोगा ने लिखा है कि  ‘यह मेरी करनी का फल है।’

मिली जानकारी के अनुसार बुलंदशहर के अनूप शहर कोतवाली क्षेत्र में सब इंस्पेक्टर दारोगा आरजू पवार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला दारोगा का  शव पंखे से लटका मिला। पुलिस दारोगा का शव देख हैरान रह गई।। जानकारी मिली है कि महिला एसआई किराए के कमरे में रहती थी। जानकारी मिली है कि जब मकान मालिक ने 7 बजे के खरीबन दारोगा को खाने के लिए पूछा था तो आरजू ने कुछ देर में आने की बात कही थी, लेकिन काफी घंटे बीत जाने के बाद वो बाहर नहीं आई। वहीं इसके बाद मकान मालिक ने उनके कमरे में जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। महिला दारोगा का शव पंखे से लटका मिला। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस भी शव को देख हैरान रह गई। पुलिस आत्महत्या के कारण का पता लगाने में जुटी है।

मिली जानकारी के अनुसार मूल रुप से शामली निवासी आरजू पवार 2015 बैच की एसआई है। महिला एसआई ने मौके पर सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमे सिर्फ दो लाइन लिखी है। लिखा है कि ये मेरी करनी का फल है। इस मामले पर एसएसपी संतोष कुमार सिंह का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। कमरे से दो लाइन का सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें एसआई ने मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। लेकिन मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

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