इस दिन से शुरू हो रहा ‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ कार्यकम, 15 दिन लगेंगे शिविर

एक बार फिर धामी सरकार आपके द्वार पहुंच रही है। 4 जुलाई से ‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’(jan jan ki sarkar jan jan ke dwar) कार्यकम फिर से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर ये विशेष अभियान 15 दिनों तक चलेगा।
‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ का 15 दिन का शिविर jan jan ki sarkar jan jan ke dwar
दरअसल जन समस्याओं के निराकरण के लिए बीते साल ‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ कार्यक्रम चलाया जाता है। इसकी सफलता को देखते हुए प्रदेश सरकार एक बार फिर जनता के द्वार पहुंच रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई से 15 दिन के इस विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
इसमें जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें संबंधित विभागों अधिकारी- कर्मचारी शामिल होकर, जन समस्याओं का निराकरण करेंगे।
बीते साल शुरू हुआ अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लोगों को जन समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े। बल्कि विभाग अधिकारी कर्मचारी खुद लोगों के पास पहुंच शिकायतों का निस्तारण करें। मुख्यमंत्री की इसी सोच को केंद्र में रखते हुए प्रदेश सरकार ने बीते दिसंबर महीने से 45 दिन का ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरु किया था।
4 जुलाई से शुरू हो रहा कार्यक्रम
अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल के सफल पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक बार फिर ये अभियान शुरु होने जा रहा है। इस बार 4 जुलाई से मनाए जा रहे सेवा पखवाड़ा (15 दिवस) के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसके तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिविर आयोजित करते हुए, जन समस्याओं का निराकरण किया जाएगा, साथ ही लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा।
पिछली बार 5 लाख से अधिक की थी जनभागीदारी
दिसंबर महीने में शुरु किए गए 45 दिन के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत 681 शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष तौर पर भागीदारी निभाई, यही नहीं इस दौरान करीब 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया। इस अभियान को गवर्नेंस की बेस्ट प्रैक्टिस के रूप भी सराहा गया।
लोगों को बिना किसी भागदौड़ के मिली सरकारी सेवाएं
लोगों को बिना किसी भागदौड़ के सरकारी सेवाएं मिली, यही सुशासन की पहली सीढ़ी है। इसी क्रम में सभी जनपदों में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का दूसरा चरण शुरु किया जा रहा है। इसमें सभी सक्षम अधिकारियों, कर्मचारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।