UttarakhandHighlight

ब्रिटेन की जेल में बंद उत्तराखंड का कैप्टन, रिहाई के लिए दर-दर भटक रहा परिवार

उत्तराखंड के रहने वाले कैप्टन अजय पंत इस वक्त ब्रिटेन की जेल में बंद हैं। उन पर लगा आरोप इतने गंभीर है कि अगर उन्हें सजा हुई तो कैप्टन अजय पंत के पूरे दस साल जेल में कट सकते हैं। तो क्या कैप्टन अजय की नाव अब अन्तर्राष्ट्रीय राजनिती के तूफानों में उलझ गई है।

uttarakhand-merchant-navy-captain-ajay-pant-arrest-uk-over-russian-oil-case-

उत्तराखंड का कैप्टन रूस से तेल ला रहा था

दरअसल उत्तराखंड के रामनगर के रहने वाले अजय पंत 4 जून 2026 को रूस के उस्त-लूगा टर्मिनल से एमवी स्मिर्टोस (MV Smyrtos) टैंकर की कमान संभाले भारत के सिक्का पोर्ट के लिए रवाना हुए। अपने साथ वो 1 लाख 1 हजार 400 टन के क्रूड ऑयल भी ला रहे थे। लेकिन कौन जानता था कि कैप्टन अजय पंत की नाव एक बड़े भंवर में फंसने जा रही है।

ब्रिटिश मरीन इलाके में आए कैप्टन

रास्ते में कैप्टन अजय पंत का जहाज ब्रिटिश मरीन इलाके में आ गया। दरअसल ये जहाज पहले अफ्रीकी देश कैमरून के झंडे तले रजिस्टर्ड था। मगर रूस से जुड़े Restrictions की वजह से जून की शुरुआत में ही कैमरून ने इसे अपनी लिस्ट से बाहर कर दिया। यानी ये जहाज अब बिना किसी देश के झंडे का हो चुका था…यानी की स्टेटलेस।

कैप्टन अजय पंत को ब्रिटेन में किया गिरफ्तार

जैसे ही ये टैंकर ब्रिटेन के समुद्री इलाके में पहुंचा, ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय और नेशनल क्राइम एजेंसी हरकत में आ गई। रात के अंधेरे में एक सीक्रेट ऑपरेशन चलाया गया। चिनूक हेलिकॉप्टर से रॉयल मरीन कमांडो जहाज पर उतरे जिसके बाद उन्होंने पूरे टैंकर को कब्जे में ले लिया। कैप्टन अजय पंत को गिरफ्तार कर लिया गया।

अदालत ने जमानत की खारिज

उत्तराखंड का एक बेटा जो पूरी ईमानदारी से अपनी नौकरी कर रहा था उसे इसके बाद ब्रिटेन की जेल में बंद कर दिया गया।
ब्रिटेन का कहना है कि कैप्टन ने रूस पर लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन किया। अदालत ने कैप्टन अजय पंत कि जमानत भी खारिज कर दी। जिसके बाद कैप्टन अजय पंत को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। निराश कैप्टन अजय पंत का परिवार लगातार सरकार से उनकी रिहाई की गुहार लगा रहा है।

एस. जयशंकर ने मदद की बात कही

उत्तराखंड सरकार ने विदेश मंत्रालय को इस मामले में पत्र भी लिखा है। वहीं विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग को हर कानूनी मदद के निर्देश दिए हैं। अब सबकी नजरें 16 जुलाई की उस सुनवाई पर टिकी हैं। जो ये तय करेगी कि कैप्टन अजय पंत घर लौटेंगे या उन्हें ब्रिटेन की उस ठंडी जेल में 10 साल का वक्त बिताना होगा।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
Back to top button
उत्तराखंड की हर खबर
सबसे पहले पाने के लिए!
📱 WhatsApp ग्रुप से जुड़ें