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BJP के दो सर्वे में फेल हुए ये विधायक!, अब टिकट देने के मूड में नहीं पार्टी

उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव में BJP कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। यहीं कारण है कि बीजेपी उत्तराखंड में अपने विधायकों की परफॉर्मेंस को बार-बार इंटरनल सर्वे करवा कर चेक कर रही है। अंदरखाने हो रहे इस सर्वे ने करीब एक दर्जन से ज्यादा विधायकों की नींद उड़ा दी है।

जिताऊ उम्मीदवार को ही टिकट देगी BJP

भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी ने साफ़ कर दिया है कि वो इस बार जिताऊ उम्मीदवार को ही मैदान में उतारेगी। ऐसे में मोदी मैजिक के सहारे सियासी नैया में बैठने वाले विधायकों की उम्मीदवारी संकट में आ गई है। दरअसल बीजेपी उत्तराखंड की 70 की 70 विधानसभा सीटों पर माइक्रो लेवल पर काम कर रही है।

यह बात विशेष रूप से उन सीटों पर लागू होती है, जहां पिछले विधानसभा चुनावों में कमल नहीं खिला था यानी वे सीटें जो पार्टी हार गई थी और उन सीटों पर भी जहां कमल खिला तो था, लेकिन जीत का अंतर बहुत कम था यानी वे सीटें जो सुरक्षित नहीं मानी जातीं। पार्टी द्वारा कराए गए एक नए आंतरिक सर्वेक्षण से यह बात सामने आई है कि पिछली बार जीती गई सीटों पर भी इस बार हार का खतरा मंडरा रहा है।

वादे पूरा न करने वाले विधायकों की बढ़ेगी मुश्किल

माना जा रहा है कि मौजूदा विधायकों का खराब प्रदर्शन ही इस स्थिति का मुख्य कारण है। सर्वे का आधार विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी जनता से था। जिसमें मालूम पड़ा है कि कई विधायकों ने चुनाव के दौरान किए वादों को अब तक पूरा नहीं किया। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र में उनकी ग्राउंड एक्टिविटी काफी कमजोर है। साथ ही जनता से जुड़ाव और समस्याओं के समाधान में भी विधायकों को को कोई दिलचस्पी नहीं है।

इन विधायकों का कट सकता है टिकट

सूत्रों के अनुसार ख़राब प्रदर्शन करने वाले विधायकों में गणेश जोशी, सविता कपूर, बंशीधर भगत, प्रेमचंद अग्रवाल, बिशन सिंह चुफाल, महेश जीना, अरविंद पांडेय, रेनू बिष्ट, सतपाल महाराज और प्रमोद नैनवाल जैसे करीब एक दर्जन से ज्यादा विधायक हैं। यही कारण है कि बीजेपी अब एक्शन मोड में आ रही है। संगठन ने साफ कर दिया है कि पार्टी के लिए जिताऊ उम्मीदवार ही पहली प्राथिमकता है।

टिकट कटने का ये हैं कारण

  • अरविंद पांडे, गदरपुर विधानसभा (कई बार अपनी ही सरकार और संगठन पर खड़े कर चुके हैं सवाल)
  • प्रेमचंद अग्रवाल, ऋषिकेश विधानसभा (विवादित बयानों के चलते पार्टी और सरकार की करा चुके हैं किरकिरी, सदन में कर चुके हैं अभद्र भाषा का प्रयोग)
  • गणेश जोशी, मसूरी विधानसभा (आय से अधिक संपत्ति मामले में गंभीर आरोप, पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा कर चुके हैं टिकट की मांग)
  • महेश जीना, सल्ट विधानसभा (वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार, जनता के साथ आपत्तिजनक भाषा से खड़े हुए सवाल)
  • बंशीधर भगत, कालाढूंगी विधानसभा (मंच से महिलाओं का कर चुके हैं अपमान, विवादित बयानों को लेकर रह चुके हैं चर्चाओं में)
  • रेनू बिष्ट, यम्केश्वर विधानसभा (अंकिता भंडारी प्रकरण मामला)
  • सतपाल महाराज, चौबटखाल विधानसभा (विधानसभा स्तर सक्रियता कम, सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनाव की करेगी तैयारी)
  • प्रमोद नैनवाल, रानीखेत विधानसभा (अजय भट्ट के खिलाफ 2 बार निर्दलीय चुनाव लड़े, सांसद अजय भट्ट चल रहे हैं नाराज)

Sakshi Chhamalwan

उत्तराखंड की युवा और अनुभवी पत्रकार साक्षी छम्मलवाण टीवी और डिजिटल मीडिया दोनों में कार्य का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वे खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) से जुड़ी हैं। उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल, देश-दुनिया की प्रमुख खबरें और धर्म से जुड़े विषयों पर इनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक और गहन होती है। उत्तराखंड | TV + Digital Media खबर उत्तराखंड
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