2027 चुनाव में गूंजेगा मोहम्मद दीपक का मुद्दा, किसे होगा फायदा ?

उत्तराखंड के कोटद्वार का मोहम्मद दीपक इन दिनों फिर से चर्चाओं में हैं। चर्चाओं में इसलिए क्योंकि हाल ही में राहुल गांधी से दीपक ने दिल्ली में मुलाकात की। जिसकी सियासी गलियारों में खूब चर्चा हुई। सवाल है कि आगामी 2027 चुनाव में मोहम्मद दीपक का फायदा किसे मिलने वाला है।
2027 चुनाव में गूंजेगा मोहम्मद दीपक का मुद्दा
भले ही चुनाव में अभी वक्त हो लेकिन उत्तराखंड में सियासी पार्टीयों ने पिच तैयार करनी शूरू कर दी है। नेताओं ने अपना एजेंडा सेट कर लिया है और इस चुनाव में जो मुद्दा गूंजने वाला है, वो है कोटद्वार का मोहम्मद दीपक। जिस पर नेताओं ने चुनावी रंग जमाना शुरू कर दिया है। सूबे में जहां सत्ता में बैठी बीजेपी इसे तुष्टिकरण से जोड़ रही है। वहीं कांग्रेस ने राग मोहब्बत की दुकान का अलापा है। तो सवाल है कि चुनाव में मोहम्मद दीपक से किसे फायदा होने वाला है।
दरअसल एक वक्त था जब चुनाव में क्षेत्र के मुद्दों की गूंज हुआ करती थी, समस्याओं के समाधान के लिए जनता से नेताओं के वादे। आप वादे पर खरे उतरे तो पास, नहीं तो हाथ से गया विधानसभा क्षेत्र। लेकिन पिछले कुछ वक्त में चुनाव का पैर्टन बदल गया है। अब असल मुद्दों की गूंज कम है और भावनाओं से जुड़े विषयों का बोलबाला ज्यादा। यही वजह है कि उत्तराखंड के कोटद्वार का मोहम्मद दीपक विधानसभा चुनाव में राजनीतिक ध्रुवीकरण का मुद्दा रहने वाला है।
मोहम्मद दीपक से मुलाकात के बाद फिर चर्चाओं में आया मुद्दा
आपको याद होगा अभी कुछ वक्त पहले ही दिल्ली में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मोहम्मद दीपक से मुलाकात की थी। राहुल गांधी ने खुद इस मुलाकात की तस्वीरों को शेयर करते हुए दीपक को साहस की लौ बता दिया। मुलाकात की तस्वीरें आग की तरह फैल गई। बता दें कि 26 जनवरी को दीपक कोटद्वार के पटेल मार्ग पर 30 साल से दुकान चला रहे 70 साल के मुस्लिम व्यापारी की दुकान पर आए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से झड़प हो गई थी।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दुकान का नाम बाबा स्कूल ड्रेस होने पर आपत्ति जताई थी और बोर्ड से बाबा शब्द हटाने के लिए कहा था। इसी दौरान दीपक ने बजरंग के लोगों को अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया और उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। उत्तराखंड का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया।
दीपक के आगे मोहम्मद लगाया तो बुला लिया दिल्ली: CM
कांग्रेस ने जब इस मुद्दे को हिंदू-मुस्लिम एकता से जोड़ा उससे अलग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जब नाम के आगे कोई शब्द नहीं जोड़ा था तो दिल्ली बुलाया नहीं, मोहम्मद जोड़ लिया तो युवराज ने अपने आवास पर बुला लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि का बच्चा-बच्चा राष्ट्रवाद की भावना के साथ बड़ा होता है ऐसे में उत्तराखंड के अंदर कांग्रेस की दाल गलने वाली नहीं है।
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चुनाव में दाल गलाने का एजेंडा सेट कर रही BJP
यहां बीजेपी ने हिंदू पहचान और पंरपराओं के संरक्षण से मामले को जोड़कर अपनी लाइन को साफ कर दिया और मैसज अपने कोर वोट बैंक को दे दिया। जो सत्ता में रिपिट होने के लिए काफी है। क्योंकि 16% वोट से तो सत्ता में वापसी का रास्ता वैसे भी नहीं खुलेगा। तो साफ है कि चुनाव में मोहम्मद दीपक मामले का फायदा बीजेपी को होगा।