अवैध पोस्टिंग उजागर करने पर पुलिस ने की पत्रकार से मारपीट, पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार

ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर में एक पत्रकार के साथ कथित पुलिस उत्पीड़न का मामला सामने आया है। आरोप है कि भ्रष्टाचार के मुद्दों को उजागर करने के बाद पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई की गई और उनके साथ मारपीट की गई। हालांकि पुलिस विभाग ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि कार्रवाई विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत की गई।
पत्रकार ने पुलिस पर लगाए उत्पीड़न के आरोप
जानकारी के अनुसार बाजपुर निवासी पत्रकार विमल भारती उर्फ गोल्डी निर्भीक, जो पिछले कई सालों से डिजिटल माध्यम से स्थानीय मुद्दों और कथित भ्रष्टाचार के मामलों को उठाते रहे हैं, ने 11 नवंबर 2025 को पुलिस विभाग में अवैध पोस्टिंग से जुड़े मामले को सार्वजनिक किया था। आरोप है कि इसके अगले ही दिन उनके आवास पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। पत्रकार का कहना है कि बिना पूर्व सूचना जेसीबी मशीन के साथ पहुंची टीम ने कार्रवाई की।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े डाटा को नुकसान पहुंचाने का लगाया आरोप
पीड़ित पत्रकार ने आरोप लगाया है कि उन्हें हिरासत में लेकर बन्नाखेड़ा चौकी में मारपीट की गई और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उनका यह भी कहना है कि उनके डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े डाटा और प्रोफेशनल आईडी को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने पहले भी अपनी सुरक्षा को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र भेजने का दावा किया है।
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पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं मामले पर पुलिस का कहना है कि संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। विभाग ने सोशल मीडिया और आधिकारिक बयानों के माध्यम से स्पष्ट किया है कि मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप तथ्यहीन हैं तथा जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। मामले ने तूल पकड़ा तो विभिन्न संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।