क्या है अविश्वास प्रस्ताव?, Lok Sabha Speaker को हटाने की क्या होती है प्रक्रिया?

संसद के बजट सत्र के दौरान लगातार हंगामा चल रहा है। आज सत्र के 9वें दिन भी लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा भी शुरू हो गया। इसी बीच विपक्ष Lok Sabha Speaker के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। लोकसभा स्पीकर को उनके पद से हटाने का प्रोसेस बड़े ही साफ तौर पर भारतीय संविधान में बताया गया है। ऐसे में चलिए जानते है कि क्या है ये अविश्वास प्रस्ताव? और क्या होती है Lok Sabha Speaker को हटाने की प्रक्रिया?
क्या है अविश्वास प्रस्ताव? What is noconfidence motion?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 94 के अनुसार, लोकसभा में पारित एक विशेष प्रस्ताव के चलते ही लोकसभा स्पीकर को हटाया जा सकता है। हालांकि ये प्रक्रिया सामान्य नहीं होती। इसके लिए समय सीमा और कुछ निश्चित शर्तों का पालन करना होता है।
सबसे पहले अगर स्पीकर को हटाना है तो उसके लिए पहले लोकसभा में एक प्रस्ताव लाया जाता है। इसके लिए कम से कम 14 दिन पहले लिखित सूचना देनी होती है। इस प्रस्ताव पर तभी विचार होता है जब कम से कम 50 सदस्य उसका समर्थन करें। न्यूनतम समर्थन के इस प्रस्ताव को सदन में स्वीकार भी नहीं किया जाता।
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Lok Sabha Speaker को हटाने की क्या होती है प्रक्रिया?
इस प्रस्ताव को पारित करने के लिए साधारण बहुमत पर्याप्त नहीं। सभी सदस्यों के प्रभावी बहुमत से इसे पारित करना जरूरी होता है। जिसका मतलब है कि आधे से अधिक वर्तमान सदस्य इसके पक्ष में मतदान करें तभी ऐसा हो सकता है।
जिस समय स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव सदम में विचाराधीन होता है, उस दौरान वो लोकसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते। हालांकि इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि वे सदन की कार्यवाही में भाग नहीं ले सकते हैं। वो अपनी बात इस दौरान रख सकते हैं। इसके साथ ही अगर मतदान में बराबरी की स्थिति बनती है तो वो निर्णायक मत भी दे सकते हैं।
अविश्वास प्रस्ताव नहीं अनुच्छेद 94(c) के तहत प्रस्ताव लाने की तैयारी
हालांकि विपक्ष ने ये साफ कर दिया है कि वो स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाएगा। इसके बजाय वो संविधान के अनुच्छेद 94(c) के तहत प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। बता दें कि ये प्रक्रिया अविश्वास प्रस्ताव से अलग है। अविश्वास प्रस्ताव सरकार के खिलाफ लाया जाता है। तो वहीं अनुच्छेद 94(c) का सिर्फ स्पीकर के पद से जुड़ा है। विपक्ष ने ये साफ किया कि वो लोकसभा की कार्यवाही और स्पीकर की भूमिका पर सवाल उठा रहा है।