GST घोटाला: बिना माल सप्लाई काटे जा रहे थे करोड़ों के बिल, छापेमारी में 1.10 करोड़ मौके पर जमा

राज्य कर विभाग ने जीएसटी (GST) चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए सात फर्मों पर एक साथ छापेमारी की है। विभागीय जांच में करीब 4.75 करोड़ रुपए के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले का पर्दाफाश हुआ है।
फर्जी बिल किए जा रहे थे तैयार
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि संबंधित फर्मों द्वारा बिना माल की वास्तविक सप्लाई किए फर्जी बिल तैयार किए जा रहे थे। इन बिलों के आधार पर आईटीसी का अनुचित लाभ उठाया जा रहा था, जिससे सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया। राज्य कर विभाग ने इस अभियान के लिए 10 टीमों का गठन किया था, जिनमें कुल 22 अधिकारियों को शामिल किया गया।
विभाग ने जमा किए 1.10 करोड़
अलग-अलग स्थानों पर एक साथ की गई इस कार्रवाई में दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की गई। कार्रवाई के दौरान विभाग ने 1.10 करोड़ रुपए की धनराशि मौके पर ही जमा करवाई। अधिकारियों के अनुसार यह केवल प्रारंभिक वसूली है, आगे जांच के आधार पर और बड़ी रिकवरी हो सकती है।
जांच के घेरे में वर्क कॉन्ट्रैक्ट और आईटी सेक्टर की फर्में
जांच के दायरे में वर्क कॉन्ट्रैक्ट और आईटी सेक्टर से जुड़ी फर्में विशेष रूप से शामिल हैं। विभाग यह भी खंगाल रहा है कि फर्जी बिलिंग के इस नेटवर्क में और कितनी कंपनियां शामिल हैं तथा क्या यह मामला राज्य से बाहर तक फैला हुआ है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।