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उत्तराखंड के लाल धान का भात होता है बेहद खास, क्या आपने खाया है कभी ?

उत्तराखंड के कई इलाकों में चावल की खेती की जाती है। लेकिन यहां पहाड़ों पर होने वाला लाल धान बेहद ही खास है। कुछ समय पहले नई दिल्ली में आयोजित नेशनल वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट अवार्ड में उत्तराखंड के लाल धान ने अपनी विशेष पहचान बनाई है। ओडीओपी अवार्ड उत्तरकाशी जिले को दूसरा पुरस्कार मिला है। लाल धान से बना भात बेहद ही स्वादिष्ट होता है। बिना घी डाले ही इसमें घी जैसा स्वाद आता है।

उत्तराखंड के लाल धान का भात होता है बेहद खास

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लाल धान की खेती होती है। कुमाऊं और गढ़वाल के कई इलाकों में लाल धान की खेती की जाती है। इस से बनाया गया भात बहुत टेस्टी होता है। लाल धान की मार्केट में कीमत बेहद ज्यादा है। लेकिन पलायन के चलते अब इसकी खेती भी उत्तराखंड के पहाड़ों पर कम होने लगी है।

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लाल धान का भात

कभी लाल चावल की दर्जनों किस्में पहाड़ पर थी लहलहाती

पहाड़ों पर उगने वाला ये लाल धान पौष्टिकता से भरपूर है जो कि अब पहाड़ों से अतीत बनता जा रहा है। कभी पहाड़ों पर लाल धान की दर्जनों किस्में पहाड़ पर लहलहाती थी। लेकिन अब पलायन के चलते पहाड़ खाली हो रहे हैं और खेती कम हो गई है। अब पहाड़ों पर इसकी ज्यादा से ज्यादा चार-पांच किस्में ही उगाई जा रही हैं। जिस कारण इसका उत्पादन भी कम हो रहा है।

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लाल धान

पूजा पाठ में भी इनका है विशेष महत्व

लाल धान से भात और खीर पहाड़ों पर सालों से बनाई जा रही है। इसके साथ ही इसका इस्तेमाल पूजा पाठ में भी किया जाता है। इसके साथ ही कुमाऊं मंडल में लाल धान से पाथव और चूड़े बनते थे। हालांकि अब ये चलन कम हो गया है।

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लाल चावल

लाल धान बासमती चावलों को टक्कर देते हैं। गंगोलीहाट का लाल चमयाड़, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ का थापचिनी भी खूब स्वाद देता है। जबकि गरुड़-बागेश्वर व बलुवाकोट में चाइना फोर, गंगोली का खजिया व लोहाघाट का बडपासो भून कर खाया जाता है।

क्या आपने खाया है कभी लाल धान का भात ?

लाल धान में सफेद चावल के मुकाबले प्रोटीन काफी ज्यादा होता है। बता दें कि लाल भात को वीडी राइस या रेड कार्गो राइस के नाम से भी जाना जाता है। इसमें लाल रंग एंथोसायनिन नामक प्राकृतिक द्रव्य के कारण होता है। लाल धान में फ्लेवेनॉईड एंटीऑक्सीडेंट के साथ ही आयरन, जिंक, पोटेशियम, मैग्नीज, फाइबर और मिनरल्स पाए जाते हैं।

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लाल चावल खाने से विटामिन B1, B2, B6 मिलता है और इसका रोजाना सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ती है। इसके साथ ही त्वचा में भी निखार आता है। इसमें कई एंटी ऑक्सीडेंट और फ्री रेडिकल भी पाए जाते हैं।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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