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इस वजह से Vinesh Phogat को नहीं दिया गया सिल्वर मेडल, CAS ने जारी की डिटेल्ड रिपोर्ट

पेरिस ओलंपिक में जिस एथलिट की सबसे ज्यादा चर्चा हुई वो थी भारत की स्टार रेसलर विनेश फोगाट(Vinesh Phogat) महिला 50 किग्रा कुश्ती स्पर्धा में फाइनल से पहले विनेश फोगाट डिसक्वालीफाई हो गई थी। उनका वजर 100 ग्राम अधिक पाया गया था।

डिसक्वालीफाई होने के बाद उन्होंने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स यानी की CAS से सिल्वर मेडल दिए जाने की भी अपील की थी। जिसको बाद में खारिज कर दिया गया था। ऐसे में अब CAS ने डिटेल्ड रिपोर्ट(CAS Full Verdict on Vinesh Phogat) जारी की है। जिसमें विनेश का केस खारिज करने के पीछे की वजह बताई गई है।

CAS ने जारी की रिपोर्ट (CAS Full Verdict on Vinesh Phogat)

CAS ने Vinesh Phogat मेडल मामले में एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। जिसमें कहा गया है कि, “इस मामले की सुनवाई करने वाली सिंगल बेंच ने निष्कर्ष निकाला है कि आवेदक ने अपनी मर्जी से 50 किलोग्राम कुश्ती वर्ग में हिस्सा लिया था और वह अच्छी तरह से जानती थी कि प्रतियोगिता के लिए उसे 50 किलोग्राम से कम वजन बनाए रखना होगा।”

सीएएस ने आगे कहा कि, “नियमों के अनुच्छेद 7 में यह स्पष्ट है कि हर खिलाड़ी को अपनी स्वतंत्र इच्छा से हिस्सा लेने वाला माना जाता है और वो स्वयं के लिए जिम्मेदार होता है। वो केवल एक भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने का हकदार है, जो कि उस समय के वजन के अनुरूप है। आवेदक एक अनुभवी पहलवान है, जिसने पहले नियमों के तहत प्रतिस्पर्धा की थी। इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वह वजन संबंधी आवश्यकताओं को नहीं समझती थी। उसने स्वेच्छा से 50 किलोग्राम वर्ग में प्रवेश किया और उस वजन सीमा को बनाये रखने का एक नियम है।”

सबके लिए समान है नियम

समानता की बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि , “वजन सीमा के संबंध में नियम स्पष्ट हैं और सभी प्रतिभागियों के लिए समान हैं। इसके लिए (ऊपरी सीमा) कोई छूट प्रदान नहीं की गई है। ये स्पष्ट रूप से खिलाड़ी की जिम्मेदारी है कि वो उस सीमा से नीचे रहे। इसमें कोई विवाद नहीं है कि आवेदक का वजन सीमा से अधिक था। उसका मामला ये है कि उसका वजन मात्र 100 ग्राम अधिक था और इसकी छूट मिलनी चाहिये, क्योंकि ऐसा पानी पीने और विशेष रूप से मासिक धर्म (पीरियड्स) से पहले के चरण के दौरान हो जाता है।”

फाइनल से पहले हुईं थी डिसक्वालीफाई

बता दें कि विनेश ने ये अपील की थी कि उन्हें क्यूबा की युसनेलिस गुजमैन लोपेज के साथ संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल दिया जाए। बता दें कि सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने क्यूबा की रेसलर युसनेलिस को हराकर ही फाइनल में प्रवेश किया थी। लेकिन विनेश के आयोग्य घोषित होने के बाद फाइनल में क्यूबा की पहलवान को मौका मिला था। फाइनल में वो अमेरिका की सारा एन हिल्डेब्रांट से हार गई थी।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
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