
उत्तराखंड को उत्तरप्रदेश से अलग कर राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राज्य आंदोलनकारियों ने सड़कों पर उतर कर अपना विरोध दर्ज करवाया। आंदोलनकारियों ने सरकार पर अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को बाहल करने की मांग की।
राज्य आंदोलनकारियों ने किया सीएम आवास कूच
बता दें कि बीते 10 सालों से राज्य आंदोलनकारी अपनी 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की बहाली और चिन्हीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करने की मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं।

प्रदर्शन के दौरान राज्य आंदोलनकारी मंच के जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने कहा की पिछले 10 साल में भाजपा और कांग्रेस दोनों की सरकार रही है। कांग्रेस की सरकार जब सत्ता में थी तो भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए इन मुद्दों को उठाया था।
सरकार पर लगाए अनदेखी के आरोप
बावजूद इसके भाजपा सरकार आज हमारी मांगों को अनदेखा कर रही है। सरकार द्वारा लगातार अनदेखी के बाद आज सभी आंदोलनकारियों को सड़कों पर आकर प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैl प्रदर्शन मे युवाओं के साथ साथ महिलाओ और वृद्ध राज्य आंदोलनकारियों ने भी बढ़चढकर हिस्सा लिया।
बता दें राज्य आंदोलनकारियों औऱ उनके आश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का फैसला तो ले लिया गया है। लेकिन इसमें विधायी का पेंच फंसा हुआ है।