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भारत में जेट स्ट्रीम का रहेगा असर, पड़ेगी भीषण गर्मी, हिमस्खलन की आशंका

Jet stream will affect India

उत्तराखंड में मौसम का बदलता मिजाज और बेरुखी मौसम वैज्ञानिकों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। शीतकाल में इस साल लगातार कम बारिश से अब तेजी से बढ़ रहा तापमान चिंता का विषय बन रहा है। देश में सक्रिय पश्चिमी जेट वायु धारा से मौसम का मिजाज चौंका रहा है। प्रदेश में भी इसका व्यापक असर पड़ने की आंशका है।

पश्चिमी जेट वायु धारा के सक्रिय होने के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान में अप्रत्याशित वृद्धि होने की संभावना है। जिससे हिमखंड पिघलने और हिमस्खलन की आशंका है। इसके साथ ही प्रदेश में गर्मी का एहसास भी अभी से होने लगा है। अगले पांच दिन तापमान में अत्यधिक वृद्धि को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। वहीं शुक्रवार यानी की आज राजधानी देहरादून में सुबह की शुरुआत हल्‍के बादलों के साथ ही धुप भी खिलती दिखी।

क्या होती है जेट वायु धारा

  • जेट वायु धारा भारतीय जलवायु को प्रभावित करने वाले कारकों में से एक है।
  • जेट स्ट्रीम या जेट वायु धाराएं ऊपरी वायुमंडल में विशेषकर समताप मंडल में तेज गति से प्रवाहित होने वाली हवाएं हैं।
  • यह दो प्रकार की होती है, पश्चिमी जेट स्ट्रीम और पूर्वी जेट स्ट्रीम। पश्चिमी जेट स्ट्रीम स्थायी जेट स्ट्रीम है।
  • इसकी प्रवाह की दिशा जलधाराओं की तरह ही निश्चित होती है।
  • इसका आंशिक प्रभाव वर्षभर रहता है।
  • इसके प्रवाह की दिशा मुख्य रूप से पश्चिम और उत्तर भारत से दक्षिण की ओर रहती है और यह शीतकाल में शुष्क हवाओं के लिए उत्तरदायी है।
  • सतह पर गर्म हवाओं से बनने वाला निम्न दबाव क्षेत्र तापमान वृद्धि का कारण है।
  • पूर्वी जेट स्ट्रीम की दिशा दक्षिण-पूर्व से लेकर पश्चिमोत्तर भारत की ओर है। यह अस्थायी प्रवाह है और इसका असर वर्षाकाल में ही दिखता है।

मानसून की विदाई के बाद से ही बारिश का था इन्तजार

अक्टूबर में मानसून की विदाई के बाद से ही उत्तराखंड बारिश की राह ताक रहा है। शीतकाल में प्रदेश में औसत वर्षा में 70 प्रतिशत से अधिक कमी दर्ज की गई। वर्षा और बर्फबारी कम होने से दिसंबर-जनवरी में भी सामान्य से कम ठंड रही है और ज्यादातर समय वातावरण शुष्क बना रहा। अब फरवरी का दूसरा पखवाड़ा शुरू होने के साथ ही तापमान में लगातार वृद्धि होने लगी है और दिन में गर्मी का एहसास हो रहा है। हालांकि, सुबह-शाम ठिठुरन अभी भी बनी हुई है।

हालाँकि, मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह ने पहले ही संभावना जता दी थी की इस माह फरवरी में केवल 3 से 4 दिन ही बारिश होने की संभावना है। जिस कारण मौसम का पारा जल्द ही चढ़ना शुरू होगा।

 

Sakshi Chhamalwan

उत्तराखंड की युवा और अनुभवी पत्रकार साक्षी छम्मलवाण टीवी और डिजिटल मीडिया दोनों में कार्य का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वे खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) से जुड़ी हैं। उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल, देश-दुनिया की प्रमुख खबरें और धर्म से जुड़े विषयों पर इनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक और गहन होती है। उत्तराखंड | TV + Digital Media खबर उत्तराखंड
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