Bjp UttarakhandHarish RawatHighlightNainital NewsNarendra Modi NewsPushkar Singh Dhami​Trivendra Singh RawatUttarakhand CongressUttarakhand Weather News

उत्तराखंड: ये IFS खुद करेंगे अपने मामले की पैरवी, कोर्ट ने दी अनुमति, ये है पूरा मामला

corona virus patients in uttarakhand

नैनीताल: नैनीताल हाईकोर्ट ने आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी अब खुद ही अपना केस लड़ेंगे। हाईकोर्ट ने उनको खुद ही पैरवी करने की अनुमति दी है। आईएफएस संजीव चतुर्वेदी ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी कि उन्हें अपने मामले की पैरवी खुद करने की अनुमति जी जाए। उनका कहना है कि उनको उत्तराखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं पर विश्वास नहीं ह, जिसके बाद हाईकोर्ट ने उनको खुद मामले की पैरवी करने की अनुमति दे दी। सुनवाई के लिए 23 अक्तूबर की तिथि भी नियत कर दी है।

हाईकोर्ट ने अधिवक्ताओं के प्रति की गई संजीव चतुर्वेदी की टिप्पणी को रिकॉर्ड में लेते हुए कहा कि रिकॉर्ड को देखने से स्पष्ट है कि चतुर्वेदी एक कठिन कार्य का सामना कर रहे हैं। क्योंकि उन्होंने कई मौकों पर एक व्हिसल ब्लोअर के रूप में काम किया है। प्रथम दृष्टया, यह भी लगता है कि वह कई विवादों में उलझे हुए हैं और कई मंचों के समक्ष अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखते हैं और हल करने का प्रयास करते रहे हैं।

कानून के उनके ज्ञान, उनके विद्वतापूर्ण तर्क, विश्लेषण और तथ्यों की कुछ कानूनी मंचों ने सराहना भी की है। लेकिन, एक वादी का यह दावा करना कि उसे बार के सदस्यों पर विश्वास नहीं है, दुखद है। संभवतया यह चतुर्वेदी की एक गलतधारणा है जो बार और कानूनी बिरादरी के विद्वान सदस्यों को थोड़ा आत्मनिरीक्षण करने के लिए मजबूर करती है। हालांकि चतुर्वेदी का मत यह भी है कि वह अपने वकील को मुसीबत में नहीं डालना चाहते।

हाल में उन्होंने हाईकोर्ट में ‘हाईकोर्ट ऑफ उत्तराखंड, पार्टी इन पर्सन रूल्स 2020’ के तहत अपने मामले की पैरवी स्वयं करने का प्रार्थना पत्र दिया था। इसकी सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने चतुर्वेदी से पूछा कि उन्होंने पहले से ही सीनियर और जूनियर अधिवक्ता नियुक्त किए हैं, तो अब इन पर्सन क्यों आना चाहते हैं।

इसके जवाब में चतुर्वेदी ने कहा कि उन्हें उत्तराखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं पर विश्वास नहीं है, इसलिये वह स्वयं पैरवी की अनुमति चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह कैट के अलावा दिल्ली हाईकोर्ट, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट सहित सुप्रीम कोर्ट में भी अपने मामले की स्वयं पैरवी कर रहे हैं। वनाधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव के पद पर नियुक्ति में गड़बड़ी को लेकर कैट में याचिका दायर की थी।

इस पर कैट की नैनीताल सर्किट बेंच सुनवाई कर रही थी। बाद में मामला कैट की दिल्ली पीठ को रेफर कर दिया गया था। इसे संजीव चतुर्वेदी ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए इस मामले की सुनवाई नैनीताल में ही करने की अपील की थी। पैरवी के लिए चतुर्वेदी ने हाईकोर्ट में सीनियर और जूनियर अधिवक्ता नियुक्त किए थे।

Back to top button
उत्तराखंड की हर खबर
सबसे पहले पाने के लिए!
📱 WhatsApp ग्रुप से जुड़ें