सेफ्टी ऑडिट में उत्तराखंड के 36 पुल असुरक्षित, इतनों की रिपोर्ट आना बाकी

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हाल ही में गुजरात में हुए मोरबी पुल हादसे के बाद उत्तराखंड शासन ने सबक लेते हुए प्रदेश के सभी पुलों के सेफ्टी ऑडिट तीन हफ्ते के अंदर करने के दिशा निर्देश दिए गए थे। उन्हीं की सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट अब सरकार को सौंपी दी गई है। जिसमें प्रदेश के 36 पुल असुरक्षित पाए गए हैं।

लोनिवि ने शासन को 2518 पुलों की रिपोर्ट सौंपी

उत्तराखंड शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के पांच जोन में कराए गए सेफ्टी ऑडिट में अभी तक 36 पुल आवागमन के लिए असुरक्षित पाए गए हैं। जबकि पुलों के सेफ्टी ऑडिट का काम अभी जारी है। प्रदेश में स्थित 3262 में से 2518 पुलों की सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट लोक निर्माण भवन ने शासन को सौंप दी है।

मोरबी हादसे के बाद लिया था सबक

हाल के दिनों में गुजरात राज्य के मोरबी में हुए पुल हादसे के बाद उत्तराखंड सरकार ने सबक लेते हुए बड़ा कदम उठाया और राज्य के सभी पुलों के तीन हफ्ते के अंदर सेफ्टी ऑडिट किए जाने के दिशा निर्देश दिए थे। इसके बाद लोनिवि द्वारा प्रदेश के पांच जोन में बंटे 13 जनपदों के पुलों का मुख्य अभियंताओं के स्तर पर सेफ्टी ऑडिट कराया गया। जिसमें 2618 पुलों की रिपोर्ट शासन को सौंप गई है। रिपोर्ट के अनुसार पौड़ी जोन में टिहरी में आठ, चमोली में एक और पौड़ी में 16 पुल असुरक्षित पाए गए हैं। अल्मोड़ा जोन में पिथौरागढ़ में एक पुल, हल्द्वानी जोन में उधमसिंहनगर में पांच पुल असुरक्षित पाए गए हैं। देहरादून जोन में देहरादून में एक और हरिद्वार में तीन पुल असुरक्षित मिले हैं।

इसके साथ ही लोनिवि के अधीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित 334 पुलों में से 179 का सेफ्टी ऑडिट किया गया। जिसमें रुद्रप्रयाग के बेलनी क्षेत्र में एक पुल असुरक्षित पाया गया है। लोनिवि के प्रमुख अभियंता अयाज अहमद मुताबिक बाकी बचे पुलों में कुछ का सेफ्टी ऑडिट इस महीने के आखिर तक और कुछ का दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।

बी क्लास लोडिंग पुल बदले जाएंगे डबल लेन में

शासन द्वारा ब्रिज बैंक बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे समय की बचत को देखते हुए तत्काल नए पुलों का निर्माण हो सके। प्रमुख सचिव लोनिवि आरके सुधांशु के मुताबिक सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट शासन को मिल चुकी हैं इसके साथ ही बी क्लास लोडिंग पुलों को ए क्लास लोडिंग और डबल लेन में बदला जाएगा। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। वहीं प्रदेश के जर्जर और पुराने पुलों के बदले विभिन्न वित्त पोषित योजनाओं में जैसे एडीबी, विश्व बैंक, सीआरआईएफ के माध्यम से बदला जाएगा। इसके लिए ब्रिज बैंक बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

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