उत्तराखंड : 55 मौतों के बाद टूटी RTO की नींद, अब काट रहे चालान

देहरादून: राजधानी देहरादून में एक बार फिर से आरटीओ विभाग ने अभियान चलाया है, जिसके तहत डबल हेलमेट अनिवार्य कर दिया गया है और सख्ती के साथ लोगों के चालान किये जा रहे हैं। आरटीओ हर बर अभियान तो चलाते हैं, कुछ समय की सख्ती के बाद फिर ये अभियान थम जाते हैं। आरटीओ को लोगों के चालन काटने के साथ ही जागरूक भी करना चाहिए, लेकिन अभियान केवल राजस्व जमा करने तक ही सिमट जाता है।

सड़क दुर्घटना में हुए इजाफे के बाद एक बार फिर से भले ही आरटीओ विभाग एक्शन मोड़ में है और सोमवार से अभी तक लगभग 200 से अधिक लोगों पर चलानी कार्रवाई कर चुका है। लेकिन, जनवरी से मई के बीच सड़क हादसों का ग्राफ बेहद ही चैकाने वाला है। जनवरी 2021 से मई माह के बीच 130 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं।

इन सड़क दुर्घटनाओं में 55 लोगों की मौतें हो गईं। जबकि 95 लोग गंभीर घायल हो गए थे। इनमें से अधिकतर दुर्घटनाएं ओवर स्पीड, रेश ड्राइविंग और गलत दिशा में वाहन चलाने से हुई थीं। देहरादून जिले के ऋषिकेश, नेहरू कॉलोनी, डोईवाला, पटेलनगर, रायवाला और डालनवाला थाने दुर्घटनाओं के लिहाज से अधिक संवेदनशील रहे।

आंकड़ों पर गौर करें तो अकेले देहरादून में इतने सड़क हादसों ने आरटीओ विभाग की कार्यप्रणाली को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। सहायक परिवहन अधिकारी रश्मि पंत ने बताया कि डबल हेलमेट न पहनने पर लोगों को जागरूक करने के साथ ही उनका चालान भी किया जा रहा है। सोमवार से अभी तक डबल हेलमेट न पहनने पर 200 से ज्यादा चालान किये गए हैं।

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