आदमखोर गुलदार का अंत, इस शिकारी की गोली से हुआ ढेर, लोगों ने ली राहत की सांस

अल्मोड़ा के विकासखंड स्याल्दे के इलाके के कई गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। दरअसल शिकारियों ने गुलदार का खात्मा किया जिसने लोगों को डरा रखा था और कई ग्रामीणों को शिकार बनाया था। गुलदार के आतंक से लोग डर कर जी रहे थे जिससे शिकारियों ने छुटकारा दिलाया। बता दें कि कई दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार शिकारियों ने गुलदार का अंत किया। बता दें कि बीते दिन मंगलवार देर शाम गुलदार 10.45 पर हिमाचल से आये शिकारी आशीष दार गुप्ता की गोली का शिकार हुआ जिसके बाद लोगों ने भी राहत की सांस ली।

आपको बता दें कि स्याल्दे क्षेत्र में इस गुलदार का आतंक छाया था. लोग डर के साए में जी रहे थे। बीती 19 जनवरी को गढ़वाल सीमा से लगे बारंगल गांव में गत एक महिला शांति देवी को गुलदार ने अपना शिकार बनाया था। गुलदार महिला को घर के आंगन से ही दबोच कर ले गया था। उसका शव जंगल में खाया हुआ मिला था। वहीं इससे पहले भी बीते 26 दिसंबर, 2020 को ग्राम पंचायत बारंगल के ही तोक कनियाल डोडियाल बाखल में त्रिलोक सिंह की पत्नी अंजू देवी पर गुलदार ने झपटा मारा था जिससे महिला लहूलुहान हो गई थी। गंभीर हालत में महिला को काशीपुर रेफर किया गया था। इसके बाद 30 दिसंबर को हीरा सिंह की पत्नी कमला देवी, सात जनवरी को जय सिंह की पत्नी तुलसी देवी भी हमले में घायल हो गई थी।

नायब तहसीलदार दीवान गिरि गोस्वामी ने जानकारी दी कि इस गुलदार को गत दिवस स्यालदे ब्लॉक अंतर्गत देघाट ग्राम पंचायत बरगल के ग्राम कनियाल बाखल में रात 10.45. में ढेर किया गया। इससे पहले गुलदार ने एक गाय पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। जिसके बाद शिकारी व उसके सहयोगियों की टीम ने इलाके में मोर्चा बन्दी कर ली थी। जैसे ही गुलदार कनियाल बाखल के पास एक गधेरे में दोबारा आया, शूटर ने सटीक निशाने में गोली मारकर उसका अंत कर डाला। इस अभियान में तमाम ग्रामीणों ने भी शिकारी का भरपूर सहयोग दिया। इधर आदमखोर गुलदार के मारे जाने से क्षेत्र में जश्न का माहौल है।

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