आजाद भारत में पहली महिला को फांसी देने की तैयारी, प्यार के खातिर 7 अपनों की करदी थी हत्या, बिन ब्याही मां बनी थी

आजाद भारत में पहली महिला को फांसी देने की तैयारी शुरु कर दी गई है। जी हां बता दें कि मथुरा जेल में महिला को फांसी देने की तैयारी जेल प्रशासन ने शुरू कर दी है. देश में पहली बार अमरोहा की रहने वाली महिला शबनम को फांसी दी जाएगी। बता दें कि मामला 2008 का है जब महिला ने अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने ही 7 परिजनों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी. मथुरा जेल प्रशासन ने रस्सी का ऑर्डर दे दिया है. महिला को फांसी पवन जल्लाद देगा जिसमे निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाया था। फिलहाल फांसी की तारीख तय नहीं हुई है जैसे ही डेथ वारंट जारी होगी शबनम और उसके प्रेमी को फांसी दे दी जाएगी। बता दें कि अगर शबनम को फांसी होती है तो यह आजाद भारत का पहला मामला होगा.

राष्ट्रपति भवन ने की याचिका को खारिज

वहीं आपको बता दें कि शबनम ने कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है. वहीं इसके बाद शबनम-सलीम ने राष्ट्रपति को दया याचिका भेजी थी, लेकिन राष्ट्रपति भवन ने याचिका को खारिज कर दिया है. बता दें कि फिलहाल शबनम बरेली तो सलीम आगरा जेल में बंद है. शबनम के प्रेमी को कहां फांसी दी जाएगी ये तय नहीं हुआ है।

2010 में सुनाई थी फांसी की सजा

अमरोहा के हसनपुर कस्बे से सटे छोटे से गांव बावनखेड़ी में साल 2008 की 14-15 अप्रैल का वो मंजर खौफनाक था। शबनम ने रात को अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने पिता मास्टर शौकत, मां हाशमी, भाई अनीस और राशिद, भाभी अंजुम और फुफेरी बहन राबिया का कुल्हाड़ी से वार कर मौत के घाटउतार दिया था। इतना ही नहीं साथ में भतीजे अर्श का गला घोंट कर मार दिया था। वहीं इससे इलाके में सनसनी फैल गई थी। देश भर में इसकी चर्चा हुई। वही   अमरोहा कोर्ट में 3 साल 3 महीने तक सुनवाई चली जिसके बाद 15 जुलाई 2010 को फांसी की सजा सुनाई।

जेल में दिया था बेटे को जन्म

आपक बता दें कि जेल जाने के करीब 7 माह बाद शबनम के एक बेटे को जन्म दिया। कई साल तक ये बच्चा शबनम के साथ रहा। 2015 में फांसी की सजा सुनाए जाने के शबनम ने इस बच्चे को अपने दोस्त और उसकी पत्नी को सौंप दिया था। शबनम और सलीम का बेटा अभी 11 साल का है।

ऐसे मिले सबूत

आपको बता दें कि शबनम ने शादी नहीं की थी. लेकिन वह रोजाना प्रेमी को घर पर बुलाती थी. वारदात में इस्तेमाल में सलीम के पास से कुल्हाड़ी मिली थी. दोनों के खून से सने कपड़े मिले थे. तीन सिम भी उनके पास से मिली थी, जिसपर अलग-अलग समय पर दोनों को वारदात को अंजाम देने की बात की थी. वारदात को अंजाम देने के बाद पकड़े जाने पर शबनम और सलीम ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए थे. सर्विलांस से दोनों के बीच बातचीत का पता चला. फिर शबनम के पास दवा का खाली रैपर मिला था और फॉरेंसिक रिपोर्ट भी आई थी. शबनम की भाभी अंजुम के पिता ने लाल मोहम्मद ने कोर्ट में सलीम से उसके अवैध संबंध उजागर किए थे. सलीम ने वारदात को अंजाम देने के बाद हसनपुर ब्लॉक प्रमुख महेंद्र पास गया था और अपनी करतूत बताई थी.

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