उत्तराखंड : हर मददगार अच्छा नहीं होता, इनके बारे में जानकर किसी से नहीं मांगेंगे हेल्प

कोटद्वार: वैसे तो मदद करने वाले लोग अच्छे होते हैं। लेकिन, कुछ खास तरह के मददगारों से मदद लेना कई बार भारी पड़ जाता है। ऐसे ही मददगारों का खुलासा पुलिस ने किया है। ये ऐसे मददगार थे, जिन्होंने एक नहीं, कई लोगों को चूना लगाया और फरार हो गए। कोतवाली पुलिस ने कोटद्वार भाबर में एटीएम बदलकर पैसे निकालने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

इस गिरोह के दो लोगों को दबोच लिया गया है, जबकि तीसरा फरार है। दो आरोपियों से 27 एटीएम कार्ड, 10 हजार रुपये की नकदी, दो मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की है। सीओ जीएल कोहली ने मामले का खुलासा किया। बताया कि दिगंबर सिंह पुत्र निवासी दुर्गापुरी ने कोतवाली में एक तहरीर दी थी। तहरीर में उन्होंने कहा कि गत 27 फरवरी को उनकी बेटी प्रीति रावत नजदीकी एटीएम से पैसे निकालने गई थी। इस दौरान दो युवकों ने उसकी पैसा निकालने में मदद की।

इस दौरान उन्होंने एटीएम पिन की जानकारी हासिल की। बाद में दोनों ने उसे विश्वास में लेकर उसका एटीएम कार्ड बदल दिया। साथ ही उसके खाते से 80 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था। एसएसपी के निर्देश पर कोतवाल विजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज से सूचनाएं एकत्र की। पुलिस टीम ने मामले में आरोपी प्रवेश उर्फ पप्पू, लवकुश दोनों निवासी ग्राम महतौली थाना देवबंद जनपद सहारनपुर हाल निवास रावली महदूद थाना सिडकुल जनपद हरिद्वार को बृहस्पतिवार को सुखरो पुल से गिरफ्तार किया।

पूछताछ में आरोपियों ने पूर्व में भी कई घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूली है। सीओ कोहली ने बताया कि आरोपियों से बरामद घटना में प्रयुक्त बाइक पर नंबर प्लेट तक नहीं थी। इसके अलावा उन्होंने सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए बाइक के वास्तविक रंग को छुपाने के लिए पूरी बाइक को टेप से ढका हुआ था। बाइक नीले रंग की थी, लेकिन पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने पूरी बाइक पर काला टेप लगाया हुआ था।

भाबर के जिस एटीएम में धोखाधड़ी हुई। वहां दो आरोपी हेलमेट लगाकर एटीएम के भीतर गए। एटीएम से पैसे निकालते वक्त युवती मोबाइल पर बात करने में व्यस्त थी और उसका ध्यान एटीएम पर नहीं था, जिसका फायदा आरोपियों ने उठाया। घटना को तीन आरोपियों ने अंजाम दिया। तीसरा आरोपी एटीएम के बाहर था। तीनों युवक दो बाइकों से कोटद्वार पहुंचे और घटना को अंजाम देने के बाद उन्होंने नजीबाबाद रोड स्थित एक एटीएम से 40 हजार रुपये की नकदी निकाली।

दूसरी बार उन्होंने यमुनानगर के एटीएम से पैसे निकाले। सीओ जीएल कोहली ने बताया कि जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी एटीएम के आसपास जाकर ऐसे लोगों को चिह्नित कर निशाना बनाते थे, जो बुजुर्ग, महिला हो या जिनको एटीएम चलाना नहीं आता हो। बड़ी चालाकी से पिन नंबर की जानकारी हासिल कर और एटीएम कार्ड बदलकर पैसे निकाल लेते थे।

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