रिपोर्ट : 3 सालों में शहीद हुए 305 जवान, सेना ने 635 आतंकवादियों को उतारा मौत के घाट

पाक ने बीते सालों में कई बार नापाक हरकत की और कई बार सीज फायर का उल्लंघन किया जिसमे हमारे देश के कई जवान शहीद हुए वहीं कई आम नागरिकों ने इसमे जान गंवाई। हमारे देश के जवानों ने भी पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दिया और देश के लिए कुर्बानी दी। बता दें कि गृह मंत्रालय ने मंगलवार को आंकड़ा पेश किया है कि बीते दिन तीन सालों में कितना बार सीज फायर का उल्लंघन हुआ और कितने जवान शहीद हुए। साथ ही मंत्रालय ने ये भी आंकड़ा पेश किया कि इसमे कितने आम नागरिकों ने जान गंवाई और बीते तीन साल में कितनी बार आतंकी हमला हुआ और कितने आतंकी ढेर हुए। इसी के साथ गृह मंत्रालय ने देश में कितने किसान आंदोलन हुए और नक्सली हमले हुए इसका भी आंकड़ा पेश किया।

गृहमंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार साल 2020 में पाकिस्तान ने 5133 बार सीजफायर का उल्लंघन किया जिसमे 22 आम नागरिकों की मौत हुई थी. जबकि, 71 घायल हो गए थे. वहीं इस सीजफायर में 24 जवान शहीद हुए और 126 घायल हुए थे. वहीं 2019 में 3479 बास सीजफायर का उल्लंघन हुआ जिसमे 18 आम नागरिकों की मौत हुई और 19 जवान शहीद हो गए थे. साल 2018 में सीजफायर की कुल 2140 घटनाएं हुईं.इसके अलावा साल 2018 में 614 आतंकवादी हमले हुए थे. जिसमें 39 नागरिक मारे गए थे. इन घटनाओं में 91 जवान शहीद हुए थे. वहीं साल 2020 में आतंकवादी घटनाओं में काफी कमी आई. बीते साल 244 आतंकी हमले हुए थे. इन घटनाओं में सुरक्षाबलों के 62 जवान शहीद हुए थे. जबकि, 37 आम नागरिकों की मौत हो गई थी. सुरक्षाबलों ने साल 2020 में 221 आतंकवादियों को ढेर कर दिया था. जबकि, 2018 में यह आंकड़ा 257 और 2019 में 157 पर था. तीन सालों में सेना के 305 जवान शहीद हो गए हैं.

सेना ने तीन सालों में 635 आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा 

गृह मंत्रालय के द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा सीजफायर का उल्लंघन और आतंकवादी हमलों में सबसे ज्यादा मौतें साल 2018 में हुई हैं. 2018 में सीजफायर से कुल 59 मौतें और आतंकवादी हमलों की वजह से 130 लोगों ने अपनी जान गंवाई.
2020 में कम हुई ऐसी घटनाएं
वहीं साल 2020 में इस तरह की घटनाओं में कमी आई। आतंकी हमले कम हुए और सीज फायर का उल्लंघन भी कम हुआ. जानकारी मिली है कि सेना ने तीन सालों में 635 आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा. सीजफायर से जुड़ी घटनाओं में 3 साल में 70 आम नागरिकों की मौत हुई तो वहीं आतंकी हमलों में 115 लोगों ने अपनी जान गंवाई है. बीते कुछ समय में राज्य में आतंकवादी काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here