देहरादून : एक पेंट से आरोपी के करीब पहुंची पुलिस, महिला को पैसे में लेकर आया था होटल, श्रीनगर से गिरफ्तार

देहरादून की थाना कोतवाली नगर पुलिस समेत संयुक्त टीम ने होटल में मिली महिला की हत्या का खुलासा कर दिया है। बता दें कि बीते दिन घंटाघर स्थित एक होटल में कमरा न. 321 में महिला का शव मिला था। पुलिस को हत्या की आशंका थी जो की सही साबित हुई।पौड़ी  पुलिस आरोपी को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। बता देंकि पुलिस एक पेंट से आरोपी के करीब पहुंची थी। बता दें कि होटल में आरोपी अपनी बैग छोड़ गया था क्योंकि अगर वो बैग लेकर जाता तो होटल स्टाफ को शक हो जाता इसलिए वो बिन बैग के चुपके से निकला। उसके बैग में पुलिस को नई सिली हुई पेंट मिली जिसमे एक टैग लगा था। टैग सेलाकुई के टेलर का निकला। जिसके बाद पुलिस ने वहां के सीसीटीवी चैक किए और हुलिया पता किया।

 आपको बता दें कि महिला के शव मिलने के बाद एसएसपी ने अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। इस घटना का अनावरण पुलिस के लिये एक चुनौती बन गया था, क्योंकि इस घटना में हत्या का कोई मोटिव स्पष्ट नहीं हो पा रहा था और न ही कोई सम्भावित या संदिग्ध व्यक्ति पर पुलिस का ध्यान आकृष्ट हो पा रहा था, ऐसे में एसएसपी ने खुद इस घटना का अनवारण करने में गठित टीमों द्वारा किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा प्रत्येक दिन में की गयी एवं प्रत्येक अगले दिवस के लिये प्रत्येक टीम को अलग-अलग दिशा-निर्देश दिये गये। मृतका की बहन द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली नगर पर अज्ञात अभियुक्त के विरूद्ध हत्या का अभियोग मु0अ0सं0: 104/21 धारा: 302 भादवि पंजीकृत किया गया।

पुलिस द्वारा होटल के स्टाफ से मृतका के साथ रूके व्यक्ति के सम्बन्ध में जानकारी ली गयी और कमरा बुकिंग के लिए दी गी आईडी ली गई लेकिन पता गलत निकला। आईडी सुनील कुमार पंत पुत्र गिरीश चन्द्र पंत निवासी: जसपुर ऊधमसिंह नगर के नाम पर थी जिस पर एक टीम को तत्काल ऊधमसिंहनगर रवाना करते हुए सुनील कुमार पंत उपरोक्त को पूछताछ के लिए देहरादून लाया गया, जिसने बताया गया कि वह 10 मार्च को अपनी बाइक से जसपुर से ऋषिकेश एम्स में उपचार के लिए आया था तथा चण्डीपुल के आस-पास उसने शराब पी औऱ वो नशा अधिक होने के कारण उसका पर्स कहीं गिर गया या निकाल लिया गया। उसने पुलिस को बताया कि 11 मार्च को वापस जसपुर लौटने के बाद जसपुर थाने में दर्ज करायी गयी थी। ये जानकारी सही निकली।

इसी बीच पुलिस टीम को होटल के कमरे से एक पैन्ट बरामद हुई जिसमें हेम टेलर्स सेलाकुई का टैग लगा हुआ था, जिस पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल सेलाकुई जाकर उक्त टेलर से आवश्यक पूछताछ की तो टेलर ने बताया कि 12 मार्च को एक व्यक्ति, जिसके अपना नाम सुनील बताया था, उसकी दुकान पर आया और दो पैंट व एक शर्ट सिलवाई जो वो 13 मार्च को ले गया। पुलिस टीम द्वारा उक्त टेलर की दुकान के आस-पास के सीसीटीवी कैमरो की फुटेजों को चैक किया गया तो उक्त फुटेजों में एक सदिंग्ध व्यक्ति जाता हुआ दिखाई दिया, जिसका हुलिया होटल व आस-पास के सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त अभियुक्त के हुलिये से मिलता-जुलता प्रतीत हुआ। जिस पर पुलिस द्वारा अभियुक्त के आने के मार्ग के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करने हेतु उक्त मार्ग के फुटेज चैक किये गये तो उक्त अभियुक्त का 12 मार्च को सेलाकुई स्थित स्वागत गेस्ट हाउस में भी सुनील कुमार पंत की आईडी से रूकना ज्ञात हुआ। होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे से अभियुक्त की साफ फोटो मिली लेकिन पुलिस टीम को कोई खास सफलता प्राप्त नहीं हुई। इसी बीच अन्य टीमों द्वारा घटना के बाद अभियुक्त के होटल से निकलकर भागने के मार्ग फुटेज चैक किये गये तो अभियुक्त घटना के बाद पैदल-पैदल घंटाघर से प्रिंस चैक होते हुए रेलवे स्टेशन तक तथा वहां से टैम्पो के माध्यम से आईएसबीटी तक जाता हुआ दिखाई दिया। आईएसबीटी पर लगे कैमरों की फुटेज चैक करने पर अभियुक्त के हुलिये से मिलता-जुलता एक व्यक्ति हिमांचल रोडवेज की बस में बैठकर जाता हुआ दिखाई दिया, जिस पर पुलिस टीम द्वारा उक्त वाहन की जानकारी हेतु लच्छीवाला स्थित टोल प्लाजा से उस दिन गुजरने वाली हिमाचल रोडवेज की सभी बसों के नम्बर प्राप्त किये गये तथा उनके चालक व परिचालकों को फुटेज से प्राप्त अभियुक्त का फोटो दिखाते हुए उसके सम्बन्ध में जानकारी ली गई तो एक बस के परिचालक द्वारा बताया गया कि उक्त हुलिये से मिलता-जुलता व्यक्ति उनकी बस से हरिद्वार में उतरा था।

वहीं इस पर तत्काल अलग-अलग टीमें गठित करते हुए उन्हें ऋषिकेश व हरिद्वार रवाना किया गया तथा अभियुक्त के हुलिये से मुखबिर तंत्र को अवगत कराते हुए उन्हें सक्रिय किया गया। अभियुक्त की तलाश के दौरान ऋषिकेश में पुलिस टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि उक्त हुलिया एक व्यक्ति विजय उर्फ बिट्टू सिंह रावत पुत्र पृथ्वी सिह निवासी: ग्रा0 गेरूड, थाना थराली जिला चमोली के हुलिये से मिलता जुलता है, जिसके विरूद्ध पूर्व में थाना ऋषिकेश, रानीपोखरी तथा कोटद्वार में चोरी व ठगी के अभियोग पंजीकृत हैं। अभियुक्त की तलाश हेतु हरिद्वार गयी टीम द्वारा आईएसबीटी हरिद्वार व अन्य सम्भावित स्थानों के सीसीटीवी फुटेज चैक किये गये तो पुलिस टीम को अभियुक्त ऋषिकुल बस अड्डे से अलीगढ की बस में सवार होकर जाता दिखाई दिया, टीम द्वारा उक्त बस के परिचालक से सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त की तो टीम को ज्ञात हुआ कि उक्त व्यक्ति मथुरा स्टेशन पर उतर गया था। जिस पर एक टीम को तत्काल मथुरा रवाना किया गया। मथुरा पहुंचकर अभियुक्त के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करने पर स्थानीय सूत्रों के माध्यम से टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि उक्त अभियुक्त दिनाँक 14/15 मार्च को हरिद्वार से मथुरा आया था, जो सम्भवत: किसी अन्य घटना को अजांम देने के लिये वापस हरिद्वार चला गया है। इस बीच पुलिस टीम को अभियुक्त के कुछ सम्भावित नम्बरो के सम्बन्ध में जानकरी प्राप्त हुई, जिसकी लोकेशन हरिद्वार से टिहरी के रास्ते चमोली जाने वाले मार्ग में होना ज्ञात हुआ। जिस पर तत्काल चमोली व श्रीनगर पुलिस से सम्पर्क स्थापित कर उन्हें मुकदमा उपरोक्त में वांछित अभियुक्त के हुलिये से अवगत कराया गया तथा अभियुक्त की फोटो व्हाट्सअप के माध्यम से भेजी गयी तथा हरिद्वार से आने वाली बसों की चैकिंग करने के लिए बताया गया व अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु उसके जाने वाले रास्ते पर पुलिस टीम को भी रवाना किया गया।

श्रीनगर पुलिस ने दी देहरादून पुलिक को जानकारी

इसी बीच श्रीनगर पुलिस के माध्यम से पुलिस टीम को जानकारी मिली कि देहरादून पुलिस द्वारा उपलब्ध कराये गये फोटो के हुलिये के व्यक्ति को दौराने चैकिंग पकडा गया है। जिसकी फोटो मंगाने पर तस्दीक किया गया कि यह व्यक्ति ही वांछित अभियुक्त विजय उर्फ बिट्टू है, इस पर तत्काल टीम द्वारा श्रीनगर पहुंचकर अभियुक्त उपरोक्त को मुकदमा उपरोक्त में हिरासत पुलिस लेते हुए देहरादून लाया गया, जिसे आज मा. न्यायालय के समक्ष पेश किया जायेगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून महोदय द्वारा घटना के अनावरण के लिए पुलिस द्वारा किये जा रहे प्रयासों की नियमित रूप से की गयी समीक्षा व दिये गये दिशा-निर्देशों के फलस्वरूप ही देहरादून पुलिस इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में कामयाब रही।

नाम/पता गिरफ्तार अभियुक्त:-

01: विजय उर्फ बिट्टू सिंह रावत, पुत्र पृथ्वी सिंह ग्राम गेरूड, थराली जनपद चमोली, उम्र 24 वर्ष

पूछताछ का विवरण:-

पूछताछ के दौरान अभियुक्त द्वारा बताया गया कि, मैं दसवीं पास हूँ तथा नौकरी न लगने के कारण अपने खर्चों की पूर्ति के लिये चोरी व ठगी की घटनाओं को अजांम देता हूँ। पूर्व में मेरे द्वारा वर्ष: 2019 में कोटद्वार व ऋषिकेश में स्कूटी व मोबाइल चोरी की घटना की गयी थी, जिसमें मुझे ऋषिकेश पुलिस द्वारा जुलाई 2019 में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था तथा उसके पश्चात मैं लगभग 08 माह सुद्धोवाला जेल में रहा। जहां से सजा पूरी करने के पश्चात कोटद्वार में पंजीकृत अभियोग में मैं पौडी जेल चला गया था, वहां भी सजा पूरी होने के पश्चात लाॅकडाउन के दौरान पैदल-पैदल श्रीनगर पहुंचा वहां पर मैने एक वैडिंग प्वांइट में खाना बनाने का कार्य किया तथा अपने मालिक विश्वास जीत लिया था, जिस पर मालिक द्वारा मुझे अपने कमरे की चाबी सौंप दी थी, मैं मौका पाकर वहां से मालिक के रूपये चुराकर फरार हो गया, इसके पश्चात कुछ समय के लिये मैं ऋषिकेश में रहा तथा पैसा खत्म होने के बाद मैं वहां से किसी तरह अल्मोडा पहुंचा वहां भी किसी दुकान में 10 से 15 दिन काम करने बाद मैं अपने एक परिचित की बाइक व पैसे लेकर वहां से भागकर देहरादून आ गया। उक्त मोटर साइकिल को चैकिंग के दौरान पुलिस द्वारा सीज किया गया था। जिसके पश्चात पकडे जाने के डर से मैं देहरादून से भागकर हरिद्वार चला गया। हरिद्वार में मैने एक होटल में रूम सर्विस का कार्य किया तथा वहां दो-तीन दिन काम करने के बाद मौका देखकर मैने होटल के गल्ले से लगभग 40 हजार रूपये व एक मोबाइल चोरी कर लिया जिसके बाद मैं वहां से भागकर देहरादून सेलाकुई आ गया तथा वहां एक गेस्ट हाउस में रूक गया। गेस्ट हाउस में मेरे द्वारा सुनील कुमार पंत की आईडी दी गयी थी, जो मुझे हरिद्वार में एक व्यक्ति की जेब से चुराये गये पर्स से प्राप्त हुई थी। दो दिन सेलाकुई में रूकने के बाद मेरा सम्पर्क मुस्कान नाम की महिला से हुआ, जिसके साथ मैं दिनाँक: 13-03-2021 की रात्रि को देहरादून के एम्बेसडर होटल में रूका। रात्रि में वह महिला शराब पीने के बाद मुझसे स्मैक मांगने लगी, मेरे द्वारा स्मैक न होने की बात कहने पर वह मुझ पर जोर-जोर से चिल्लाने लगी। मैने काफी देर तक उसे शान्त करने का प्रयास किया पर वह नंही मानी, जिस पर गुस्से में आकर मैने उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद मैं वहां से भागने की फिराक में था, परन्तु होटल में लोगों की आवाजाही अधिक होने के कारण मैं कुछ समय के लिये वहीं रूक गया तथा रात्रि में मौका देखकर मैं वहां से बाहर आ गया तथा पैदल-पैदल रेलवे स्टेशन तक पहुंचा वहां से मैं टैम्पो पकडकर आईएसबीटी आया तथा आईएसबीटी से हिमाचल रोडवेज की बस पकड कर हरिद्वार चला गया। हरिद्वार से मैं अलीगढ की बस पकडकर मथुरा पहुंचा तथा दो-तीन दिन वहां रूकने के बाद में अपने घर चमोली जा रहा था तभी श्रीनगर के पास पुलिस द्वारा चैकिंग के दौरान मुझे गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्त द्वारा बताया गया कि अपराध करने के उक्त सभी तरीके मैने जेल में सजा काट रहे अन्य अपराधियों से सीखे थे।

विशेष नोट:- अभियुक्त विजय उर्फ बिट्टू बेहद शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके द्वारा हरिद्वार, कोटद्वार, अल्मोडा तथा अन्य स्थानों पर चोरी व ठगी की कई घटनाओं को अंजाम दिया गया है। अभियुक्त बेहद शातिर तरीके से पहले किसी होटल में रूम सर्विस का काम करता है तथा फिर मालिक को अपने विश्वास में लेकर मौका लगते ही वहां से चोरी की घटना को अंजाम देकर फरार हो जाता है। चोरी में प्राप्त आईडी का इस्तेमाल अभियुक्त किसी स्थान पर रूकने के लिये करता था, अभियुक्त द्वारा अपना कोई ऐसा पहचान पत्र अथवा आईडी नहीं बनाया गया था, जिससे कि किसी घटना को करने के बाद पुलिस उस तक पहुंच सके। अन्य व्यक्तियों से सम्पर्क करने के लिये भी अभियुक्त चोरी के नम्बरों का ही इस्तेमाल किया करता था तथा किसी भी मोबाइल व आईडी को एक बार इस्तेमाल करने के पश्चात फेंक दिया करता था।

नोट:- घटना का अनावरण करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी ने 2500 रू नगद पुरूस्कार देने की घोषणा की।

पुलिस टीम:-

01: शिशुपाल सिंह नेगी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर।
02: लोकेन्द्र बहुगुणा, वरिष्ठ उप निरीक्षक कोतवाली नगर
03: शिशुपाल राणा, चौकी प्रभारी धारा
04: हर्ष अरोडा, चौकी प्रभारी खुरबुडा
05: उ.नि ओमवीर सिंह,
06: उ.नि. महावीर सजवाण
07: कां. लोकेन्द्र उनियाल, कां0 पंकज मलासी, कां0 विनोद बचकोटी, कां0 धीरेन्द्र पतियाल,कां0 राजेश, कां0 दीप प्रकाश, कां0 नरेन्द्र रावत,

एस0ओ0जी0 टीम:-

01: एश्वर्य पाल, प्रभारी निरीक्षक एसओजी

02: उ.नि.दीपक धारीवाल,
03: कांश. किरन कुमार, कां. आशीष शर्मा, कां. ललित चौहान, कां. अमित कुमार, कां0 पंकज कुमार, कां0 देवेन्द्र कुमार, कां0 विपिन राणा

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