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हरिद्वार पुलिस विभाग से बड़ी खबर : SSP ने किया अपने ही गनर को निलंबित, इससे जुड़ा है मामला

हरिद्वार में पुलिसकर्मियों की हरकतों के कारण हरिद्वार पुलिस विभाग एक के बाद एक कर चर्चाओं में आ रहा हैा। गलत काम कर पुलिस महकमे का नाम खराब कर रहे हैं। बीते दिनों दो पुलिसकर्मियों को स्मगलरों के साथ मिली भगत में आरोप में गिरफ्तार किया गया था और जेल भेजा गया था। वहीं फिर बड़ी खबर हरिद्वार पुलिस विभाग से है। जी हां बता दें कि हरिद्वार एसएसपी अबुदई सेंथिल ने अपने ही गनर को निलंबित कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार हरिद्वार एसएसपी ने गनर विकास बलूनी को निलंबित कर दिया है। बकायदा इसका आदेश भी जारी किया गया है। आदेश के अनुसार गनर पर गम्भीर आरोप लगाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार बीते दिनों ज्वालापुर इलाके में एसटीएफ द्वारा की गई कारवाई में दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार किए गए थे। वहीं उसी मामले में गनर की कॉल रिकॉर्ड के आधार पर ये कारवाई की गई है। मामले की जांच एसएसपी ने सीओ रुड़की को सौपी है। एक सप्ताह में सीओ एसएसपी को जांच सौपेंगे। आपको बता दें बीते दिन एसटीएफ ने दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया था जो की तस्करों के साथ मिले हुए थे। दोनों तस्करों को हर रेड की जानकारी पहले ही दे देते थे। वहीं गनर को कॉल रिकॉर्ड के आधार पर निलंबित किया गया है और जांच शुरु कर दी है।

ये है पूरा मामला

आपको बता दें कि मामला हरिद्वार के ज्वालापुर कोतवाली का था जहां दो पुलिसकर्मी ड्रग्स तस्करों के साथ मिले पाए गए थे। ज्वालापुर कोतवाली और नारकोटिक्स सेल में तैनात दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया था और जेल भेजा गया था। दोनों पर तस्करों के साथ मिलकर पहले ही हर सूचना देने का आरोप था। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ले में एसटीएफ देहरादून की टीम ने दबिश देते हुए चार तस्करों इरफान, सत्तार, गंगे और राहिल को गिरफ्तार किया था। उन्हें संरक्षण देने वाले ज्वालापुर कोतवाली में तैनात सिपाही अमजद और नारकोटिक्स सेल में तैनात सिपाही शाहिद राजा को भी गिरफ्तार किया गया था। दोनों सिपाहियों पर आरोप था कि दोनों की मिली भगत से ही ड्रग्स का धंधा चल रहा था। दोनों पुलिस की हर गतिविधि की जानकारी तस्करों को दे देते थे। जब भी थाना स्तर से कोई कार्रवाई होती। अमजद उन्हें सूचना देता था, जबकि जब भी एसटीएफ की कोई कार्रवाई होती थी तो एंटी ड्रग्स फोर्स में तैनात रईस राजा सूचना दे देता था। इसके लिए दोनों सिपाहियों को अच्छी-खासी रकम दी जाती थी। इस मामले पर ज्वालापुर कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी पर भी गाज गिरी था। उनको लाइन हाजिर करते हुए चंद्र चंद्राकर नैथानी को कोतवाली की कमान सौंपी गई था। वहीं, सीओ मंगलौर पूरे मामले की जांच सौंपी गई। वहीं एसएसपी के गनर की भी कुछ मिली भगती पाई  गई है। संदिग्ध हालों में गनर को सस्पेंड किया गया है।

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