बंशीधर भगत की जगह CM ने मांगी इंदिरा हृदयेश से माफी, हरदा हुए मुरीद, जमकर की तारीफ

देहरादून : बीते दिन प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के बयान से आए भूचाल के बाद जहां भाजपा और प्रदेश अध्यक्ष की जमकर फजीहत औऱ आलोचना हुई तो वहीं इसके बाद सीएम ने ट्वीट कर नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश से माफी मांगी लेकिन इससे कांग्रेस संतुष्ट नहीं है। कांग्रेस की मांग है कि प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत सार्वजनिक रुप से नेता प्रतिपक्ष से माफी मांगे। वहीं इस पर लोगों का कहना है कि बंशीधर भगत ढीट हैं जिन्होंने नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने माफी नहीं मांगी। सीएम के माफी मांगने के बाद भी कांग्रेस में अभी भी रोष-आक्रोश है। कांग्रेस ने सार्वजनिक रुप से बंशीधर भगत से माफी मांगने की मांग की है।

हरीश रावत हुए सीएम त्रिवेंद्र रावत के मुरीद

वहीं एक ओर जहां पहले हरीश रावत ने बंशीधर भगत के बयान पर उन्हें घेरा और आड़े हाथ लिया तो वहीं सीएम के माफी मांगने के बाद हरीश रावत सीएम त्रिवेंद्र रावत ने मुरीद हो बैठे और उन्होंने सीएम की जमकर तारीफ की औऱ धन्यवाद कहा। हरीश रावत ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि स्वस्थ होते ही नर्सिंग के बच्चों और विकलांगों को उपहार देना बहुत अच्छा लगा, थैंक्यू मुख्यमंत्री जी। भगत जी की अमर्यादित टिप्पणी पर खेद जताकर मुख्यमंत्री जी ने एक बहुत स्वागत योग्य, सूझ-बूझ का परिचय दिया है, मैं उसके लिये भी उनकी सराहना करना चाहूंगा और अपनी पार्टी को आंशिक रूप से, फजीहत से बचा लिया।

हरीश रावत का हमला

हरीश रावत ने भी बंशीधर भगत पर हमला किया था और कहा था कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों की गरिमा का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है, यदि शब्द किसी महिला को संबोधित कर या महिला को इंगित कर कहे जा रहे हों, उसमें किसी भी प्रकार की चूक माफी के लायक नहीं होती है और फिर यदि जानबूझकर के आप कुछ अभद्र बात, अभद्र तरीके से कर रहे हों तो फिर ऐसे व्यक्तियों के विषय में सोचना पड़ता है कि ये लोग सार्वजनिक जीवन के लायक हैं या नहीं! श्री बंशीधर भगत जी ने अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुये श्रीमती इंदिरा हृदयेश जी के विषय में जिस अमर्यादित ढंग से टिप्पणी की है, मैं उसकी निंदा करता हूं और भाजपा की संस्कृति का यह निम्नतम स्वरूप है, शायद भाजपा भी अपने अध्यक्ष की इस टिप्पणी पर शर्मिंदा होगी।

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