Healthhighlight

Yoga Poses For Sinus: साइनस की समस्या करती हैं परेशान? रोजाना इन 5 योगासन से होगा लाभ

Yoga Poses For Sinus: साइनसाइटिस या साइनस(Sinus) एक प्रकार का इन्फेक्शन है। भारत में आठ में एक एक व्यक्ति इसकी चपेट में आ जाता है। नाक से जुडी ये समस्या एलर्जी या फिर संक्रमण की वजह से होती है। मानसून में ये बीमारी काफी आम हो जाती है।

Sinus के पेशेंट्स को होती है ये समस्या

साइनस से जूझ रहे लोग को इसके कारण काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। इसके कारण सिर में काफी तेज़ दर्द होता है। कुछ मरीजों को सांस लेने में भी दिक्कत आती है। जिसकी वजह से वो ढंग से सो भी नहीं पातें।

साइनस के पेशेंट्स को बुखार, सिरदर्द, खांसी समस्या भी होती है। साइनस से जूझ रहे लोग कई तरह की दवाइयां लेते है। लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी की योग से भी साइनस से राहत मिल सकती है। ऐसे में इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे आसनों के बारे में बताएंगे जिसके निरंतर अभयास से आप इस बीमारी से राहत पा सकते है।

Yoga Poses For Sinus

भुजंगासन

भुजंगासन साइनस के लिए काफी उपयोगी है। इस आसान को करने के लिए मैट में पेट के बल लेट जाइए। इस दौरान आपकी हथेलिया कंधों के नीचे होनी चाहिए। पैर जमीन पर रखकर सांस को अंदर रोके।

30 डिग्री के कोण पर अपने सिर, धड़ और कंधें को ऊपर उठाए। 10 सेकण्ड्स के लिए ये पोजीशन होल्ड करें। इस दौरान आपकी नाभि जमीन पर छूनी चहिए। इसके बाद धीरे धीरे सांस को छोड़िये और शरीर को निचे ले आइए।

Bhujangasana

उष्ट्रासन

उष्ट्रासन को करने के लिए मैट में घुटने के बल बैठ जाए। इस दौरान आपके हाथ हिप्स पर रहेंगे। इसके बाद अपनी पीठ को पीछे की तरफ मोड़ें। अपने हाथ को अपने पैरों पर तब तक रखे जब तक आपके हाथ सीधे ना हो जाएं। इस दौरान गर्दन स्थिर रहनी चाहिए। धीरे धीरे सांस छोड़ें और वापस अपनी पोजीशन में आ जाएं।

उष्ट्रासन

कपालभाति

इस योग के लिए पहले आप पद्मासन मुद्रा में बैठ जाएं। पीठ सीधी और आखें बंद होनी चाहिए। इस दौरान आपके हाथ घुटनों पर होने चाहिए। हथेली को ऊपर की ओर रखें। अंदर की ओर गहरी सांस लें। पेट को अंदर की ओर खींचते हुए सांस छोड़ें।

kapalbhati

भस्त्रिका प्राणायाम

इस योग के लिए पहले आराम से बैठ जाए। पीठ को सीधा कर आखें बंद कर लें। इस दौरान आपकी हथेलिया घुटनों पर ऊपर की ओर होनी चाहिए। गहरी सांस लेने के बाद धीरे-धीरे सांस को छोड़ें। इस अभ्यास को दोबारा दोहराये। रोजाना पांच मिंट इस योगासन को करें।

Bhastrika-Pranayama

अनुलोम विलोम प्रणायाम

अनुलोम-विलोम प्राणायाम साइनस की समस्या के लिए काफी मददगार है। इस आसान के लिए आराम से कहीं बैठ जाएं। पहले राइट साइड की नासिका पर राइट हाथ का अंगूठा रखकर इसे बंद कर लें और लेफ्ट साइड की नासिका से धीरे धीरे सांस अंदर को लें।

अब लेफ्ट साइड की नासिका को लेफ्ट हाथ के अंगूठे से बंद कर, राइट साइड की नासिका को खोलकर सांस छोड़ें । इसके बाद राइट साइड से सांस लें और लेफ्ट नासिका से सांस छोड़ें। इस क्रिया को रिपीट करें

Anulom vilom

Disclaimer: इस आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सामान्य सूचना के लिए हैं। इसको चिकित्सा सलाह के रूप में ना लें। किसी भी चीज़ को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

Back to top button