
हिंदू धर्म में दीपावली का पर्व बहुत ज्यादा शुभ माना जाता है। कुछ ही दिनों में दिपावली का पर्व आने वाला है। देशभर में धूम-धाम से ये त्यौहार मनाया जाता है। धनतेरस से दिवाली का पर्व शुरू हो जाता है। इस दिन कहा जाता है कि झाड़ू खरीदना काफी शुभ माना जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है दीपावली पर झाड़ू क्यों खरीदी जाती है? दीपावली पर झाड़ू खरीदने की परंपरा के पीछे असली कहानी क्या है? अगर आपको भी नहीं पता तो चलिए हम आपको बता देते है।
दीपावली पर झाड़ू क्यों खरीदी जाती है?
दिवाली के त्यौहार की धूम अभी से नजर आने लगी है। दीपावली के इस पांच दिवसीय पर्व की शुरूआत (Dhanteras Diwali 2025) धनतेरस से हो जाती है। जिसमें नई चीजें खरीदने की परंपरा है। जिसमें झाड़ू खरीदना भी शामिल है।
दरअसल दीपावली से पहले Dhanteras के दिन घर को साफ-सुथरा करना शुभ माना जाता है। जिससे माता लक्ष्मी को घर में आने का मार्ग मिले। इस दिन झाडू खरीदना शुभ माना जाता है। कई मान्यताओं के अनुसार इस दिन झाड़ू इसलिए खरीदी जाती है क्योंकि वो नकारात्मक ऊर्जा, गरीबी और कुंडली दोष को बाहर झाड़ देती है, जिससे घर में समृद्धि बनी रहती है।
क्या है इसके पीछे की असल कहानी? जानें
इसके साथ ही झाड़ू को धन का प्रतीक भी माना जाता है। जिसके चलते घर पर इस दिन झाड़ू खरीदकर लाने से धन-दौलत में वृद्धि होती है। इसके साथ ही कई जगह ये भी कहा जाता है कि अगर झाड़ू को सीधा रखा जाए तो वो लक्ष्मी को भगाने का कारण भी बनती है। इसलिए उसे एक साफ स्थान पर उल्टा रखा जाता है। जिससे मां लक्ष्मी की कृपा हमेशाा आप पर बनी रहे।
नियम क्या कहते है?
- हमेशा झाड़ू को छिपाकर रखे।
- झाड़ू जमीन पर लिटाकर रखना चाहिए।
- झाड़ू को खड़ा करके नहीं रखना चाहिए। ये अशुभ माना जाता है।
- झाड़ू को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। ऐसे में उसे पैर नहीं लगाना चाहिए।
- दीवाली से एक दिन पहले ही पुरानी झाड़ू को हटा देंना चाहिए। नई झाड़ू का यूज करना चाहिए।