उत्तराखंड: जंगल में सेल्फी ले रहा था युवक, तभी आ धमका तेंदुआ, ऐसे बचाई जान

ऋषिकेश: ऋषिकेश से एक युवक चीला होते हुए अपने घर बिजनौर जा रहा था। इस दौरान उसके साथ कुछ ऐसा हुआ कि उसे दो दिनों तक जंगल में ही रात गुजारनी पड़ी। जान बचाने के लिए नीलधारा और गंगा के में कूद गया। किसी तरह जान बचाकर टापू पर पहुंचा। पुलिस को मामले की जानकारी लगी तो रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर युवक को बाहर निकाला।

दरअसल, यूपी के बिजनौर क्षेत्र के नागल सोती के गांव हरचंदपुर निवासी अनुराग ऋषिकेश में गुब्बारों के डेकोरेशन का काम करता है। गुरुवार को वो बाइक से चीला रोड होते हुए अपने घर जा रहा था। बताया जाता है कि चीला पहुंचने पर अनुराग सेल्फी ले रहा था। इस बीच तेंदुए ने हमला करने की कोशिश की तो वह जंगल की तरफ भाग गया और इसके बाद गंगा में कूद गया। उसका मोबाइल भी पानी में गिर गया। इसके बाद वह दो दिन तक गंगा की मुख्य धारा व नीलगंगा के बीच शदाणी घाट के पास फंसा रहा।

युवक ने सूखी लकड़ी जमा की और आग जलाई। जंगल से धुआं उठता देखकर घाट पर घूम रहे कुछ लोगों ने सप्तऋषि पुलिस चौकी प्रभारी प्रवीन रावत को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर प्रवीण रावत अपनी टीम के साथ शदाणी घाट पर पहुंचे और जल पुलिस के साथ राफ्ट से गंगा की मुख्य धारा को पार कर नीलधारा पहुंचे।

इसके बाद जहां से धुआं उठ रहा था, उस जगह पर पहुंचे और युवक को रेस्क्यू किया। युवक ने पूछताछ में बताया कि वह दो दिनों से जंगल में फंसा हुआ था। रात के समय पेड़ पर रहकर किसी तरह से उसने जंगली जानवरों से अपनी जान बचाई। नदी में गिरने के कारण वह नीलधारा व गंगा की मुख्य धारा के बीच फंस गया था।

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