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उत्तराखंड : लावारिस मिले नवजात का रखा प्रियांश नाम, गोद लेने वालों की लगी लंबी कतार

काशीपुर। बीते दिन काशीपुर के ढकिया गुलाबो क्षेत्र में तालाब किनारे मिले लावारिस नवजात को प्रियांश दिया गया है। नवजात की परवरिश के लिए 50 से अधिक परिवार सरकारी अस्पताल पहुंचे। जिन्हें गोद लेने की प्रक्रिया बताकर वापस भेज दिया गया।

आपको बता दें कि बीते दिन उधमसिंह नगर के काशीपुर में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया था। दरअसल एक मां नवजात को जन्म देकर तालाब किनारे ठंड में फेंक गई। नवजात की रोती हुई आवाज सुनकर मौके पर लोग पहुंचे और इसकी सूचना पुलिस को दी। मां को अपने नवजात पर जरा भी दया नहीं आई। भारी ठंड में तालाब किनारे वो अपने बच्चे को छोड़ गई। मां के कलेजे में जरा भी दर्द नहीं हुआ। लेकिन ग्रामीण महिलाओं और अन्य लोगों का नवजात को रोता देख दिल पसीजा। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने नवजात को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां वो सुरक्षित और स्वस्थ है।

बच्चे की नहीं कटी थी नाल

मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को ग्राम ढकिया गुलाबो गांव के हरिचंद्र, बबलू व प्रमोद ने दोपहर 1:40 बजे गांव के उत्तर में स्थित तालाब के पास खेतों में नवजात के रोने की आवाज सुनी। मौके पर देखा गया कि एक कपड़े में नवजात लिपटा हुआ है। गांव में हवा की तरह ये खबर फैल गई। मौके पर महिलाएं और गांव के लोग जमा हो गए। जानकारी मिली है कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बच्चे का जन्म लगभग एक घंटे पहले हुआ है क्योंकि उसकी नाल भी नहीं कटी थी।ग्रामीणों ने टांडा पुलिस चौकी को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस नवजात को एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल ले आई। नर्सों ने उसकी नाल काटी। बच्चा स्वस्थ है। पुलिस अब उसकी मां की तलाश कर रही है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीके सिन्हा ने बताया कि नवजात को नर्सरी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां नर्सें उसकी देखभाल कर रहीं हैं।

बच्चे को प्रियांश नाम दिया गया है। उसको गोद लेने वालों की लाइन लग गई है लेकिन गोद लेने की जरुरी प्रक्रिया पूरा करने के बाद ही बच्चे को गोद दिया जाएगा। परिवार के पूरे बैकग्राउंड को देखकर बच्चे को सैंपा जाएगा।

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