उत्तराखंड: दोराहे पर हरक, BJP से निकाले गए, कांग्रेस में अब भी एंट्री का इंतजार


देहरादून: हरक सिंह रावत की कांग्रेस में एंट्री नहीं हो पा रही है। ज्वाइनिंग में कहां दिक्कत आ रही है। फिलहाल यह किसी को समझ नहीं आ रह रहा है। हरक सिंह रावत माफी मांगने को भी तैयार हैं। पूर्व सीएम हरीश रावत पहले ही कह चुके हैं कि हरक उनके छोटे भाई हैं। फिर अब तक हरक की कांग्रेस में वापसी क्यों नहीं हुई, इस बात की चर्चा सब जगह हो रही है।
माना जा रहा है हरक सिंह रावत को सोनिया गांधी ने मिलने तक का समय नहीं दिया। हरक की वापसी से उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक संग्राम मचा है। जहां दिल्ली में उनकी वापसी को लेकर लगातार मंथन चल रहा है। वहीं, राज्य में उनका विरोध भी देखा जा रहा है।
हरक की वापसी के विरोध में रुद्रप्रयाग कांग्रेस जिला अध्यक्ष पहले इस्तीफा दे चुके हैं। कांग्रेस मुख्यालय में भी हरक के विरोध में नारेबाजी हो चुकी है। ऐसे में हरक के कांग्रेस में आने से कांग्रेस के फिर से एक सियासी तूफान खड़ा हो सकता है। एक नए गुट का जन्म भी हो सकता है।
कांग्रेस कतई नहीं चाहती कि चुनाव से पहले कोई बड़ी दिक्कत हो, ऐसे में हरक की वापसी का फैसला बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है। चार दिन बाद भी हरक सिंह रावत इस इंतजार में हैं कि कांग्रेस से उनको बुलावा आएगा। अगर बात बनी तो आज हरक की वापसी हो सकती है। लेकिन, अगर कांग्रेस आलाकमान नहीं माना तो हरक दोराहे पर ही खड़े रह जाएंगे।