उत्तराखंड: फ्रंट लाइन पर आने को तैयार हैं युवा नेता, क्या इस बार दांव लगाएंगे राजनीतिक दल

हल्द्वानी (योगेश शर्मा): उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव नजदीक है। चुनाव तारीखों का ऐलान होने से पहले अब दावेदार भी अपने-अपने टिकट की जुगत में लगे हुए हैं। 2022 विधानसभा चुनाव से पहले युवा नेता भी दावेदारी पेश करते नजर आ रहे हैं। राजनीति गलियारों में इस बात की भी चर्चा होने लगी है कि अब नेताओं की सेकेंड लाइन को मौका दिया चाहिए। युवा दावेदार चाहते हैं कि युवाआंे को भी पार्टी में उचित सम्मान मिले। अब देखना होगा कि राजनीतिक दल अपनी सकेंड लाइन को फ्रंट पर लाते हैं या अभी उनको पीछे रखने की ही योजना है।

उत्तराखंड की राजनीति में अब सेकंड लाइन को आगे बढ़ाये जाने की मांग उठने लगी है, युवा चाहते हैं कि उनकी अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाये। क्यांेकि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री भी युवा हैं। इसलिए अब युवा राजनीति का वक्त आ गया है। भाजपा से दावेदारी कर रहे युवा नेताओं के मुताबिक राजनीति में सबकी महत्वाकांक्षा होती है। इसलिए पार्टी को युवा नेताओं के बारे में सोचना चाहिए। लेकिन, फैसला पार्टी हाईकमान के हाथ में है।

लालकुआं विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी से अपनी दावेदारी कर रही संध्या डालाकोटी के मुताबिक युवा वर्ग ऐसा है, जो राजनीति में रहते हुए आम जनता के लिए 24 घंटे काम कर सकता है। उसके सोचने समझने की क्षमता कहीं ज्यादा होती है। उनके मुताबिक युवा आगे बढ़ेगा तभी देश आगे बढ़ेगा। लिहाजा युवाओं को राजनीति में ज्यादा से ज्यादा आगे आने का मौका पार्टी हाईकमान को देना चाहिए।

हल्द्वानी विधानसभा सीट से दिवंगत इंदिरा हृदयेश के पुत्र सुमित हृदयेश कांग्रेस से अपनी दावेदारी को काफी मजबूत मान रहे हैं। उनके मुताबिक कांग्रेस ने पहले भी युवाओं को पार्टी में आगे आने का मौका दिया है और उन्हें उम्मीद है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भी युवाओं को पार्टी में आगे आने का मौका मिलेगा। यदि ऐसा होता है तभी समाज को बेहतर बनाने के लिए काम किया जा सकता है। क्योंकि प्रदेश के अंदर एक संतुलन होना बेहद जरूरी है।

हालांकि लालकुआं विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक नवीन दुम्का सेकंड लाइन की बात से सहमत नही हैं। उनके मुताबिक किसी भी पार्टी को विधानसभा में अपना संख्या बल चाहिए और संख्या बल के लिए जीतने वाले कैंडिडेट को ही टिकट दिया जाना चाहिए। क्योंकि बहुत सारी चीजें हैं जो हर एक दावेदार के साथ नहीं होती हैं। उन्होंने खुद को सबसे योग्य उम्मीदवार बताते हुए कहा कि उनको जनता का समर्थन और आशीर्वाद प्राप्त है।

कुमाऊं मंडल में 2022 के विधानसभा चुनाव में सेकंड लाइन को आगे लाने की बात इसलिए युवा उठा रहे हैं कि कुमाऊं की कई विधान सीटों पर कई विधायक उम्र दराज हैं। दूसरी तरफ पार्टी कार्यकर्ता भी चाहते हैं कि युवाआंे को भी पार्टी में उचित सम्मान मिले। महत्वाकांक्षाएं उनकी भी हैं।

यह बात इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी 45 साल के युवा हैं। अगर वो मुख्यमंत्री बन सकते हैं तो अन्य युवाओं की भी राजनीति में कुछ बेहतर करने का मौका क्यों नहीं दिया जा सकता है। कांग्रेस और भाजपा 2022 के विधानसभा चुनाव में कितने युवा वर्ग को टिकट देती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन जिस तरह से उत्तराखंड कि राजनीति में सेकंड लाइन की मांग उठने लगी है। उससे आने वाले दिनों में उत्तराखंड का राजनैतिक भविष्य बदलता हुआ भी नजर आ सकता है।

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