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उत्तराखंड : लेफ्टिनेंट कमांडर की पत्नी के सिर पर सजा मिसेज इंडिया अर्थ का ताज, इस सवाल का जवाब देकर बनीं विजेता

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महानगर रुड़की का मान बढ़ाने वाली फौजी की पत्नी अंकिता शर्मा ने मिसेज इंडिया अर्थ 2021 का खिताब अपने नाम दर्ज कराया है। इस उपलब्धि के बाद अंकिता को बधाई देने वालो का तांता लगा हुआ है। अकिंता इस कामयाबी का श्रेय अपने परिजनों को देती है, और कहती हैं कि आज के युग में बेटियां बेटो से कम नहीं। अंकिता एयर इंडिया में एयरहोस्टेस हैं और इसके साथ ही अपने परिवार की जिम्मेदारी भी सम्भालती हैं। हाल ही में दिल्ली में आयोजित मिसेज इंडिया अर्थ 2021 में अंकिता “मिसेज बॉडी ब्यूटीफुल” का खिताब जीती है।

रुड़की की अंकिता ने मिसेज इंडिया अर्थ 2021 किया अपने नाम

बता दें कि दिल्ली स्थित द्वारका होटल में आयोजित मिसेज इंडिया अर्थ 2021 के लिए पूरी दुनिया से कई दर्जन प्रतिभाशाली महिलाआं ने प्रतिभाग किया। मिसेज इंडिया अर्थ 2021 प्रतियोगिता का खिताब जितने के लिये कई राउंड में प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना था। अंकिता शर्मा के मुताबिक हिन्दुस्तान की 25 महिलाएं ऑडिशन के बाद चयन हुई। उन्होनें बताया कि उनके द्वारा इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए कड़ी मेहनत की। अंकिता के मुताबिक उनसे जजेस द्वारा सवाल पूछा गया कि आपको क्या लगता है कि सबसे ज्यादा तन्ख्वाह किस कर्मी अथवा अधिकारी या जिम्मेदार व्यक्ति को मिलनी चाहिए. उन्होनें कहा कि सबसे अधिक तन्ख्वाह मां को मिलनी चाहिए और मां को लेकर उन्होनें अपनी सोच प्रस्तुत की तो उनके इस जवाब से यहां मौजूद जजेस प्रभावित हुए और मिसेज बॉडी ब्यूटिफुल का खिताब उनके नाम किया।

वर्तमान में एयर इंडिया में कार्यरत हैं अंकिता शर्मा, पति हैं लेफ्टिनेंट कमांडर 

अंकिता शर्मा खुद एयरहोस्टेस हैं और वर्तमान में एयर इंडिया के साथ कार्य कर रही हैं. पति अजीत शर्मा लेफ्टिनेंट कमांडर हैं. पिता स्वर्गीय सुनीत रंजन पेशे से जो एक डॉक्टर थे, अंकिता के पिता का लाइलाज बीमारी के चलते देहांत हो गया था। अंकिता अपनी इस सफलता का श्रेय अपने पिता व पति को देती हैं। कहती हैं कि दुनिया को बदलने के लिए किसी जादू की आवश्यकता नहीं है. हमे जितनी भी शक्ति की जरूरत है वह हमारे भीतर मौजूद है। अंकिता का कहना है कि वह कैंसर से पीड़ित लोगों की सेवा करना चाहती हैं, क्योंकि उनके पिता को कैंसर था करीब 14 साल की लंबी बीमारी के बाद उनका देहांत हो गया था। अंकिता कहती है कि व्यक्ति की सफलता का कारण उसका भाग्य नहीं, उसके कर्म होते है।

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