Trendinghighlight

Reel बनाने का ऐसा भूत!, पुलिसकर्मियों ने शव यात्रा को ही बना डाला कटेंट, इमोशनल टच के साथ, Viral Video

पुलिस कर्मियों को रील(Reel) बनाने का ऐसा बुखार चढ़ा कि उन्होंने शव य़ात्रा को ही कटेंट बना दिया। उत्तर प्रदेश(UP) के अमरोहा(Amroha) से इंसानियत और मर्यादा को शर्मसार करने वाली वीडियो सामने आ रही है। अमरोहा जिले में तैनात दो सिपाहियों ने रील बनाने के लिए ना सिर्फ अर्थि को कंधा दिया बल्कि शव यात्रा को अलग-अलग एंगल से शूट भी कर इंस्टाग्राम पर पोस्ट भी किया। इस रील के लिए उन्होंने जिंदगी प्यार का गीत है जैसे गाने का इस्तेमाल किया। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़क गया।

पुलिसकर्मियों को Reel बनाने का ऐसा भूत!

वायरल हुई वीडियो में साफ दिख रहा है कि दोनों सिपाही वो भी वर्दी में सड़क से गुजर रही शव यात्रा को कंधा देने के लिए पूछते है। हालांकि ये कोई भावनात्मक सहभागिता के लिए नहीं किया गया। बल्कि रील के लिए एक परफेक्ट शॉट के लिए किया गया नाटक था।

पुलिसकर्मियों ने शव यात्रा को ही बना डाला कटेंट

इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स बढ़ाने के जुनून में इन पुलिसकर्मियों ने अर्थी को कंधा भी दिया ताकि वीडियो में इमोशनल एंगल अच्छे से कैद हो सके। अलग-अलग कैमरा एंगल से शूट कर के बाकायदा इस अंतिम यात्रा की एक ‘रील’ तैयार की गई। जिसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया।

इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर्स

मामला सामने आने के बाद अमरोहा के एसपी अमित कुमार आनंद ने इसपर जांच के आदेश दे दिए है। खबरों की माने तो दोनों सिपाही सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है। उनके इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर्स हैं। माना जा रहा है कि इसकी सोशल मीडिया से अच्छी खासी कमाई हो रही हैं।

लाइक और शेयर वाली पुलिस!

हैरानी की बात तो ये भी है कि जिन सिपाहियों ने ये वीडियो बनाया उन्हें जिले के कुछ अफसर प्रमोट भी करते रहे हैं। इस घटना के बाद बड़ा सवाल ये है कि क्या अब वर्दी पहनने वाले भी सिर्फ कैमरे और लाइक्स के लिए जिम्मेदारी निभा रहे हैं?



Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल मीडिया से जुड़ी युवा पत्रकार उमा कोठारी इस समय खबर उत्तराखंड.कॉम के साथ काम कर रही हैं। उमा अलग-अलग बीट पर खबरें लिखती हैं, जिनमें देश-दुनिया की राजनीतिक गतिविधियों की अहम खबरें, मनोरंजन, खेल और ट्रेंड से जुड़ी अपडेट शामिल हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करते हुए वे ट्रेंड और तथ्य दोनों का संतुलन बनाए रखती हैं, ताकि पाठकों तक सही और ज़रूरी जानकारी पहुंचे।
Back to top button