भारतीय लड़कियों की ढाल बनी यूक्रेन की महिलाएं, उनकी सुरक्षा के लिए हाथों में उठाई बंदूकें

यूक्रेन में रुस का अटैक जारी है। इस बीच भारतीय लोगों को  वापस लाने के लिए सरकार पुरजोर कोशिश कर रही है। अब तक 43 छात्रों को वापस लाया जा चुका है। कुछ बच्चे पड़ोसी देशों में पहुंचकर घर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन अब हमले तेज हो गए हैं और बॉर्डर तक पहुंचना आसान नहीं है। कीव, क्रिमिया समेत अन्य शहरों से हंगरी और रोमानियां बॉर्डर तक जाने वाली छात्राओं को बेहद परेशानी हो रही है। छात्राएं बंकरों में छुपी हुई है। बस के जरिए जाने वाली लड़कियों को बंदूकधारी बदमाशों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी जान और इज्जत, दोनों का खतरा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय और यूक्रेनी लड़कियों की इज्जत बचाने और सुरक्षा के लिए यूक्रेन की महिलाओं ने अपने हाथों में बंदूकें उठा ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जिन बसों में भारतीय छात्राएं बॉर्डर के लिए निकल रहीं हैं, उनके साथ यूक्रेनी महिलाएं भी हाथों में बंदूक लिए जा रही हैं जिससे भारतीय लड़कियां कुछ हद तक राहत महसूस कर रही हैं। लड़कियां बुधवार को बॉर्डर के लिए निकली थी और आज वो बॉर्डर पर पहुंची।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वीडियो कांफ्रैंस के जरिए पोलतावा से निकली भारतीय छात्राओं ने बताया कि यूक्रेन की सरकार ने रूसी सेना से निपटने के लिए अपने लोगों को हथियार मुहैया करवा दिए हैं। इन हथियारों के दम पर उक्त लोग खासतौर पर भारतीय छात्राओं को शिकार बना रहे हैं और पैसे, मोबाइल छीने जा रहे हैं। बीते रोज एक लड़की से बैग भी छीन लिया  था। छात्राओं ने बताया कि बीते दिनों कीव से 12-13 लड़कियां और 8-9 लड़के बॉर्डर के लिए रवाना हुए थे, इस दौरान बस से छात्राओं को उतार लिया गया और दूसरी बस में बैठा कर ले गए। इन लड़कियों का अभी तक कुछ पता नहीं चला है, उनके मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं। इसके चलते छात्राएं बेहद सहमी हुई हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here