
देहरादून : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देहरादून में आयोजित विधायी निकायों के पीठासीन अधिकारियों के 79वें दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। वह आज सुबह पांच बजे ट्रेन से देहरादून पहुंचे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद अजय भट्ट, महानगर अध्यक्ष विनय गोयल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक हरबंस कपूर सहित कई भाजपा नेताओं ने उनका हर्रावाला रेलवे स्टेशन पर स्वागत किया। सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देहरादून स्थित एक होटल में पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का दीप प्रवज्जलित कर उद्घाटन किया।
79 ऐतिहासिक सम्मेलन उत्तराखंड की धरती पर-लोकसभा अध्यक्ष
पीठसीन सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने सम्बोधन में कहा कि पीठसीन सम्मेलन आजादी से पूर्व 1921 से चला आ रहा है औऱ आज 79 ऐतिहासिक सम्मेलन उत्तराखंड की धरती और आस्था की भूमि देव भूमि पर होने जा रहा है. वहीं इस दौरान ओम बिरला ने उत्तराखंड में सम्मेलन के आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया औऱ उत्तराखंड राज्य के गठन करने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया.
लोकतंत्र में अटूट विश्वास देशवासियों का है- ओम बिरला
इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि पिछला सम्मेलन गांधी नगर में हुआ था, उसके बाद कई पीठसीन पहली बार सम्मेलन का हिस्सा बन रहे हैं. कहा कि लोकतंत्र में अटूट विश्वास देशवासियों का है. पिछले लोकसभा चुनाव में 67 प्रतिशत मतदान इस विश्वास का उदाहरण है. ओम बिरला ने कहा कि लोकतंत्र की मर्यादाओं को संसदीय परम्परा के तहत उठाने का काम हम कर रहे हैं.
लोकतंत्र का मंदिर जनता के विश्वास का और भरोसे का मंदिर है-ओम बिरला
लोकसभा सत्र की जानकारी देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लोकसभा का पहला 37 सत्र चला और 35 विधेयक महत्वपूर्ण पारित हुए हैं. 37 दिन के अंदर सदन की कर्यवाही एक दिन भी स्थगित नहीं हुई. ओम बिरला ने कहा कि लोगों का जो विश्वास घटता जा रहा था उसे बढ़ाने का काम हमने किया है. लोकतंत्र का मंदिर जनता के विश्वास का और भरोसे का मंदिर है.
लोकतंत्र का मंदिर विधानसभा लोक सभा है-ओम बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि 125 प्रतिशक्त कामकाज पहले सत्र में हुए और दूसरे सत्र में 115 प्रतिशत काम हुआ. 16वीं लोकसभा के जो सदस्य 17वीं लोकसभा में चुनकर आये हैं वह 16वीं लोकसभा में 5 साल में सदन के अंदर उतने मुद्दे नहीं उठा पाए जो मुद्दे उन्होंने 2 सत्र के अंदर उठा दिए हैं. कहा कि लोकतंत्र का मंदिर विधानसभा लोक सभा है और हमारे लोकतंत्र के मंदिर मजबूत हो पीठासीन सम्मेलन में इस पर चर्चा होगी.
ओम बिरला ने कहा कि 2021 में पीठासीन सम्मेलन में 100 वर्ष पूरे हो जाएंगे औऱ 2022 में देश की आजादी के 75 साल पूरे हो जाएंगे. 2021 में 100 वर्ष पीठासीन सम्मेलन पूरे होने पर विशेष सत्र बुलाया जाएगा जिसमे लोकतंत्र के मन्दिरों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी. कहा कि 2021 तक जिन लक्ष्यों को पूरा करने को लेकर चले है वह लक्ष्य पूरे कर लिए जाएंगे