18 आरोपियों की जमानत के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी एसटीएफ, 42वां आरोपी गिरफ्तार


उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) पेपर लीक और भर्ती घोटाले प्रकरण में ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों में 41 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जिनमें से 18 आरोपियों को निचली अदालत से जमानत मिल गई है। ऐसे में सरकार की किरकिरी होने के बाद सरकार अब इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए सरकार अब जमानत के खिलाफ एसटीएफ हाईकोर्ट जाएगी। वहीं इस मामले में 42वीं गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

प्रदेश सरकार की ओर से जारी प्रेस नोट बताया गया है कि कि मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पेपर लीक मामले में संगठित गिरोह के मास्टरमाइंड पर कठोर कार्यवाही के लिए एसटीएफ की ओर से हाईकोर्ट नैनीताल जाने की तैयारी हो रही है। एसटीएफ ने ऐसे संगठित गिरोह को चलाने वाले माफिया जिनकी जमानत न्यायलय ने की है उस आदेश के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय में अपील करने की तैयारी की है।

इस मामले में किसी भी दोषी बख्शा नही जाएगा। जबकि इस मामले में एसटीएफ ने एक ओर आरोपी की गिरफ्तारी की है। स्नातक परीक्षा लीक मामले में ये 42वीं गिरफ्तारी है। यूकेएसएसएससी ने वर्ष 2021 में आयोजित वीपीडीओ भर्ती पेपर लीक प्रकरण से सम्बंधित अभियोग में विवेचना के दौरान प्रकाश में आये आरोपी योगेन्द्र सिह उर्फ बंटी पुत्र स्व. हरि सिह उम्र 46 वर्ष निवासी ग्राम जितनपुर थाना धामपुर (के एम इंटर कॉलेज धामपुर में टीचर) को पेपर लीक मामले में संलिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

ये है पूरा मामला

गौरतलब है कि बेरोजगार संघ के प्रतिनिधिमंडल की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शिकायत की गई थी। उन्होंने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से चार और पांच दिसंबर 2021 को आयोजित स्नातक स्तर की परीक्षा में अनियमितता के संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद डीजीपी अशोक कुमार ने भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर जांच एसटीएफ को सौंपी थी।

परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सबसे पहले उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने छह युवकों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में एक आरोपी से 37.10 लाख रूपये की रकम बरामद की जा चुकी है। जो उसने कई छात्रों से लिए थे। इस मामले में अब तक कुल 42 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जिसमें बीजेपी नेता भी शामिल है, जिसे पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। परीक्षा भर्ती मामले में अब तक कुल 94.79 लाख की रकम बरामद की जा चुकी है। इसी मामले में दो दर्जन से ज्यादा बैंक अकाउंट फ्रीज लिए जा चुके हैं। जिसमंे करीब तीस लाख की राशि जमा है।

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