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चार साल बाद बंद होने जा रहा है एक्स का विकल्प Koo App, ये है कारण

एक्स का विकल्प सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कू (Koo) अब बद होने जा रहा है। भारतीय माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कू के फाउंडर परामेय राधाकृष्णा और को-फाउंडर मयक बिदवात्का ने इस बात की जानकारी Linkedin पर दी है। बता दें कि इससे पहले कू की दूसरी कंपनीयों के साथ मर्जर की खबर सामने आ रही है। ऐसे में डील ना होने की वजह से इसे बंद किया जा रहा है।

मर्जर पर नहीं बनी बात

कू के फाउंडर मयंक बिदवात्का ने सोशल मीडिया पर लिख कि पार्टनरशिप को लेकर हो रही बात नहीं बनी। जिसके चलते कू अपनी सेवाएं बंद कर रहा है। पार्टनरशिप को लेकर उन्हें पॉजिटिव रिजल्ट नहीं मिले। साथ ही उन्होंने बताया की हाई टेक्नोलॉजी कॉस्ट की वजह से कू को बंद किया जा रहा है। बता दें कि बीते साल से ही प्लेटफॉर्म ने वर्क फोर्स कम करना जारी कर दिया था।

Koo App एक्स का था विकल्प

इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत सरकारी चैलेंज जीतने से हुई थी। केंद्र सरकार के साल 2020 में ‘आत्‍मनिर्भर ऐप इनोवेशन चैलेंज’ में कू ने जीतकर इसकी शुरुआत की गई। इसे एक्स(ट्विटर) के विकल्प के रूप में लाया गया था। Koo में मंत्री से लेकर सेलेब्रिटी तक के अकांउट बने हुए थे। एक वक्त पर इसके एक्टिव यूजर्स की संख्या 21 लाख तक चली गई थी।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
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