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LG Electronics Share Price: मिला 50% रिटर्न!, इतने रुपए पर लिस्‍ट हुआ एलजी इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स का IPO

LG Electronics Share Price: अगर आपने भी एलजी के आईपीओ के लिए अप्लाई किया था (LG Electronics IPO) और आपको “अलॉट” (allot) हो गया है तो खुद को आप लकी समझ सकते हो। ऐसा इसलिए क्योंकि आज एलजी के शेयर्स की धमाकेदार लिस्टिंग हुई है। निवेशकों को करीब 50 फीसदी रिटर्न मिला है।

दरअसल भारतीय शेयर बाजार में आज मंगलवार को दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के शेयर लिस्ट हो गए हैं। भारत में एलजी के आईपीओ की जबरदस्त डिमांड देखने को मिली। जिसके चलते ये देश के इतिहास का सबसे ज्यादा बोली वाला आईपीओ बन गया है।

LG Electronics Share Price: इतने रुपए पर लिस्‍ट हुआ एलजी इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स का IPO

आज एलजी के शेयर्स की लिस्टिंग हुई। एनएसई(NSE) पर ये 1710.1 रुपए प्रति शेयर पर लिस्ट हुआ है। तो वहीं एलजी के शेयर्स बीएसई पर 1715.1 रुपए प्रति शेयर (lg electronics share price inr) पर लिस्ट हुए हैं। दरअशल सात से नौ अक्टूबर के बीच एलजी आईपीओ का सब्सक्रिप्शन खुला था। तो वहीं अलॉटमेंट 10 अक्टूबर को हुआ।

एलजी के शेयर्स की धमाकेदार लिस्टिंग

आज दोनों एक्सचेंजों पर ये लिस्ट हुआ हैं। जहां इसने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस आईपीओ की टोटल सब्सक्रिप्शन रकम करीब 4.5 लाख करोड़ रही। इसने बाजाज हाउसिंग फाइनेंस का 3.2 लाख करोड़ रुपए का पिछले रिकॉर्ड आसानी से पीछे छोड़ दिया।

ये था प्राइस बैंड

आईपीओ पूरी तरह से OFS यानी ऑफर फॉर सेल था। जिसमें 10.18 करोड़ से ज्यादा शेयर बेचे गए। बताते चलें कि शेयर का प्राइस बैंड 1,080 से 1,140 रुपये प्रति शेयर तय की गई थी।

सब्सक्रिप्शन 54 गुना हुआ

कंपनी के शेयरों की मांग जबरदस्त रही। जितने शेयर ऑफर किए गए थे, उससे 54 गुना ज्यादा लोगों ने खरीदने की इच्छा जताई। इसमें सबसे आगे रहे बड़े संस्थागत निवेशक (QIB), जिन्होंने 166 गुना तक बोली लगाई। वहीं गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) ने 22 गुना, आम निवेशकों ने 3.5 गुना और कंपनी के कर्मचारियों ने 7.6 गुना शेयरों के लिए आवेदन किया।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल मीडिया से जुड़ी युवा पत्रकार उमा कोठारी इस समय खबर उत्तराखंड.कॉम के साथ काम कर रही हैं। उमा अलग-अलग बीट पर खबरें लिखती हैं, जिनमें देश-दुनिया की राजनीतिक गतिविधियों की अहम खबरें, मनोरंजन, खेल और ट्रेंड से जुड़ी अपडेट शामिल हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करते हुए वे ट्रेंड और तथ्य दोनों का संतुलन बनाए रखती हैं, ताकि पाठकों तक सही और ज़रूरी जानकारी पहुंचे।
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