उत्तराखंड की जेलों में बदमाशों का राज, एक के बाद एक कई खुलासे, आखिर कौन है जिम्मेदार?


देहरादून: जेल केदियों को रखने और उनको सुधारने के लिए बनाई जाती हैं। जेल में कई तरह के खूंखार कैदियों को रखा जाता है, जिससे वो अपराध करना छोड़ दें। लेकिन, जब सिस्टम में ही गड़बड़ी हो तो ऐसा होना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। उत्तराखंड की जेलों का हाल भी कुछ ऐसा ही है। यहां जेलों में गुंडे और बदमाशों का राज चल रहा है। बड़े खुलासे भी हो चुके हैं, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार कौन है? यह जानना सबसे जरूरी है।

एसटीएफ ने पिछले दिनों अल्मोड़ा जेल में छापेमारी की थी। जेल में अपराधियों के पास से मोबाइल फोन मिले थे। उसके बाद 24 नवंबर को एक बार फिर अल्मोड़ा जेल में छापेमारी की गई। इस छापेमारी में एक और बड़ा खुलासा हुआ। इस खुलासे में पता चला कि जेल के भीतर से ही ड्रग्स का काला कारोबार चल रहा है। जेल में फिर से फोन मिला और नकदी भी बरामद की गई। पौड़ी जेल में बंद नरेंद्र वाल्मीकि जेल में भीतर बैठकर अपना गैंग चला रहा था। उसके गुर्गे हत्या करने के फिराक में थे। एसटीएफ ने पहले तीन लोगों को गिरफ्तार किया था और हाल ही में गैंग के बदमाश पंकज वाल्मीकि को गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पता चलता है कि जेलों में किस तरह से बदमाशों का राज चल रहा है।

जेल से चल रहे नशे के काले कारोबार का खुलासा किया है। इस जेल में बंद महिपाल उर्फ बड़ा और उसका साथी अंकित बिष्ट उर्फ अंगीदा नशा रैकेट चला रहा था। छापे के दौरान एसटीएफ ने महिपाल से मोबाइल फोन और 24 हजार रुपये बरामद किए। एसटीएफ की सात टीमों ने देहरादून समेत कई स्थानों पर छापेमारी के दौरान पांच अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया, जिनसे बड़ी मात्रा में चरस-गांजा मिला।

एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि यह चौथा जेल ऑपरेशन था। इस बार मादक पदार्थ के अंतरजनपदीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया। सात टीमों ने मंगलवार को अल्मोड़ा जेल, पौड़ी, कोटद्वार, देहरादून, ऋषिकेश समेत कई जगहों पर छापेमारी की। महिपाल उर्फ बड़ा निवासी जाटव बस्ती ऋषिकेश हत्या मामले में अल्मोड़ा जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।

महिपाल और साथी अंकित बिष्ट पुत्र सादर सिंह बिष्ट निवासी नींबूचौड़ कोटद्वार भी मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाया गया। महिपाल से मोबाइल फोन, सिम, तीन एयरफोन और 24 हजार रुपये मिले। अंकित एनडीपीएस ऐक्ट में अल्मोड़ा जेल में बंद है। एसटीएफ ने ऋषिकेश से संतोष निवासी गोविंदनगर को पांच किलो गांजा, अंग्रेजी शराब की दस पेटी और 85,885 रुपये के साथ पकड़ा गया है।

पटेलनगर क्षेत्र से संतोष रावत उर्फ संतू पुत्र लक्ष्मण निवासी बड़ोवाला आरकेडिया ग्रांट को एक किलो चरस, कोटद्वार से भास्कर नेगी पुत्र सदर सिंह नेगी निवासी नींबूचौड़ को 465 ग्राम चरस और 40,810 रुपये नगद बरामद किए। इसके अलावा पटेलनगर क्षेत्र से दीपक तिवारी उर्फ दीपू पुत्र डीसी तिवारी निवासी कालिका खटघरिया लोहरिया साल हल्द्वानी हाल पता क्लेमनटाउन को 250 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ की टीम सभी अभियुक्तों से देर शाम तक पूछताछ में जुटी थी।

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