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नीले ड्रम वाली मुस्कान बनी मां, किसका है बच्चा?, कितने साल तक बेटी को रख सकती है जेल में? – Saurabh Rajput Murder Case

Saurabh Rajput Murder Case: फेमस नीले ड्रम केस की मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी मां (muskan becomes mother) बन गई है। RLM अस्पताल में उसने एक बेटी को जन्म दिया है। बेटी का नाम मुस्कान ने राधा रखा है। बता दें कि बीते दिन 24 नवंबर को उसकी नॉर्मल डिलीवरी हुई। खबरों की माने तो मां और बच्ची दोनों ही स्वस्थ हैं। खास बात ये है कि जिस पति सौरभ रस्तोगी की हत्या के आरोप में मुस्कान जेल में बंद है। उसका भी जन्मदिन 24 नवंबर को ही था।

Saurabh Rajput Murder Case: नीले ड्रम वाली मुस्कान बनी मां

मुस्कान की राधा दूसरी बेटी है। पहली बेटी पीहू को इस समय नाना-नानी संभाल रहे हैं। बता दें कि 23 नवंबर की रात मुस्कान को पेट में दर्द हुआ। जेल के डॉक्टरों ने जांच कर अल्ट्रासाउंड के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया। जिसके बाद उसे गायनी वार्ड में भर्ती करवाया गया। मुस्कान ने 24 नवंबर को शाम 6:50 बजे बच्ची को जन्म दिया। बच्ची का वजन ढाई किलो है।

किसके पास रहेगी राधा?

बता दें कि जब मुस्कान गिरफ्तार हुई थी उस समय वो करीब 1.5 महीने की गर्भवती थी। जेल नियमों की माने तो मुस्कान अपनी बेटी को केवल छह सालों तक अपने साथ जेल में रख सकती है। अगर मुस्कान को अदालत छह साल से ज्यादा की सजा देती है तो बच्ची की परवरिश कौन करेगा ये भी बड़ा सवाल है। बड़ा सवाल तो ये भी है कि ये बच्चा आखिरी है किसका?

परिवार ने फिर उठाई DNA जांच की मांग

सौरभ के बड़े भाई राहुल रस्तोगी ने कहा है कि वो बच्ची का DNA टेस्ट कराएंगे। यदि बच्चा सौरभ का होता है तो वो उसे अपना लेंगे। राहुल ने ये भी कहा कि बच्ची अगर सौरभ की हुई और वो मुस्कान के पास रही तो शायद वो उसे नुकसान भी पहुंचा सकती है। फिलहाल राधा को मुस्कान मदर फीड कर रही है। मुस्कान चाहती थी कि उसका कृष्ण जैसा बेटा हो, लेकिन बेटी का जन्म हुआ। हालांकि उसके बावजूद वो बेटी के जन्म से भी काफी खुश है।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल मीडिया से जुड़ी युवा पत्रकार उमा कोठारी इस समय खबर उत्तराखंड.कॉम के साथ काम कर रही हैं। उमा अलग-अलग बीट पर खबरें लिखती हैं, जिनमें देश-दुनिया की राजनीतिक गतिविधियों की अहम खबरें, मनोरंजन, खेल और ट्रेंड से जुड़ी अपडेट शामिल हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करते हुए वे ट्रेंड और तथ्य दोनों का संतुलन बनाए रखती हैं, ताकि पाठकों तक सही और ज़रूरी जानकारी पहुंचे।
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