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प्रदेश में 30 नवम्बर तक गड्ढा मुक्त होंगी सड़कें, 450 करोड़ रूपये हुए जारी

प्रदेश में 30 नवम्बर तक सभी सड़कें गड्ढा मुक्त होंगी। इसेक लिए इस साल के लिए 450 करोड़ रूपये जारी कर दिए गए हैं। एसीएस राधा रतूड़ी ने सड़कों के पैचवर्क के लिए एक अक्टूबर से 30 नवम्बर तक दो महीने का गहन अभियान चलाने की डेडलाइन दी है।

गड्ढा मुक्त सड़कों के लिए 450 करोड़ रूपये जारी

प्रदेश में दो महीने सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए एसीएस ने विभाग को निर्देश दिए हैं। राज्य में सड़कों के पैचवर्क (गडढा मुक्त) के लिए इस वर्ष 450 करोड़ रूपये जारी कर दिए गए हैं। एसीएस ने सड़कों के पैचवर्क के लिए एक अक्टूबर से 30 नवम्बर तक दो महीने का गहन अभियान चलाने की डेडलाइन दी है।

सड़क सुरक्षा के लिए 300 करोड़ रूपये का प्रावधान

सड़क सुरक्षा के लिए 300 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने जिलाधिकारियों से क्रैश बैरियर लगाने आदि के प्रस्ताव मांगे हैं। एसीएस ने सभी जिलों में डेंगू कण्ट्रोल रूम स्थापित करने के साथ ही जन जागरूकता व स्वच्छता अभियान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि अगर पर्वतीय क्षेत्रों में किसी भी स्थान पर टैम्परेरी ट्रॉली का मामला संज्ञान में आता है तो वहां पर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव तत्काल शासन को भेजा जाए। इसके साथ ही जिलों में पार्किंग स्थल चिहिन्त कर इस सम्बन्ध में प्रस्ताव बनाकर जल्द से जल्द आवास विभाग को भेजने के निर्देश भी दिए हैं।

मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश

सचिवालय में समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने गढ़वाल मण्डल के जनपदों में चिकित्सा, पेयजल, शिक्षा, सड़कों व अन्य मूलभूत जन सुविधाओं को बेहतर बनाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं सीएमओ को अस्पतालों की व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने जिलाधिकारियों को पीएमजीएसवाई योजना की नियमित समीक्षा के साथ ही इसमें जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी की हिदायत दी है। एसीएस ने गढ़वाल मण्डल के जिलों विशेषकर चारधाम यात्रा मार्ग पर वेस्ट मैनेजमेण्ट में बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने के साथ ही इस पर त्वरित कार्यवाही के कड़े निर्देश दिए हैं।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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