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राज्य की कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवाल, राजधानी में हत्या के दो दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ

प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रदेश में क्राइम लगातार बढ़ता ही जा हा है। आए दिन प्रदेश में लूट-मार और हत्या की खबरें सामने आती रहती हैं। राजधानी दून में दो दिन पहले हुई बुजुर्ग महिला कमलेश की हत्या मामले में अब भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस अभी तक इस मामले में कुछ भी लीड हासिल नहीं कर पाई है।

दून में बुजुर्ग महिला की हत्या मामले में पुलिस के हाथ अब भी खाली

राजधानी में दो दिन पहले बुजुर्ग महिला की हत्या से सनसनी मच गई थी। दो दिन बीत जाने के बाद भी इस मामले में पुलिस के हाथ अभी भी खाली ही हैं। इस मामले में पुलिस को कोई लीड नहीं मिल पाई है। पुलिस केवल आशंका ही जता रही है।

पुलिस के मुताबिक बदमाश केवल मारने के इरादे से ही घर में आए थे। इस बात की गवाही उनके गले और कंधे के गहरे घाव भी दे रहे हैं। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले का घाव करीब 12 सेंटीमीटर और कंधे का 11 सेंटीमीटर लंबा है। इससे उनकी बर्बरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके साथ ही पुलिस का कहना है कि शव देखे जाने के करीब 12 घंटे पहले हत्या की गई थी।

लूट नहीं हत्या ही था इरादा

पुलिस ने कहा है कि इस मामले में बदमाशों को इरादा केवल हत्या ही था। क्योंकि कमलेश बेहद वृद्ध थीं। ऐसे में यदि लूट करनी होती तो बदमाश मारने के बजाय उन्हें बंधक बना सकते थे। ऐसे में कमलेश को एक इरादे के तहत मारा गया है।  

पुलिस का कहना है कि गले का घाव नीचे से ऊपर की तरफ करीब 12 सेंटीमीटर गहरा है। इससे लग रहा है कि उन्हें पीछे से पकड़कर गले को किसी धारदार हथियार से काटा गया है। मिली जानकारी के मुताबिक गला काटने के बाद ऊपर से नीचे की ओर चाकू घोंपा गया है। ऐसे में यह बात तो सिद्ध हो रही है कि बदमाश हत्या करने के लिए ही आए थे। लेकिन सवाल उठ रहा है कि आखिर इन्हें किसने भेजा और क्यों।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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