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पांच दिन से 40 जिंदगियां फंसी टनल में, मानसिक स्थिति को लेकर मनोचिकित्सक ने कहा ये

उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में चार दिन से मजदूर फंसे हुए हैं। आज पांचवे दिन मजदूरों को सही सलामत बाहर निकालने की पूरी कोशिश की जा रही है। लेकिन अंदर फंसे हुए मजदूरों की मनोस्थिति के बारे में मनोचिकित्सक डॉ मुकुल शर्मा ने कहा है कि उनकी मानसिक स्थिति बहुत दयनीय होगी।

सिलक्यारा टनल में फंसे मजदूरों की मानसिक स्थिति क्या ?

उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में फंसे मजदूर का आज पांचवा दिन है। जहां एक और शासन प्रशासन द्वारा मजदूरों को बाहर निकलने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। तो वहीं अब जो मजदूर अंदर फसे हुए है उनकी मनोस्थिति का हाल क्या यह एक गंभीर विषय है।

इसको लेकर जब मनोचिकित्सक डॉ मुकुल शर्मा का कहना है कि इस वक्त जो मजदूर टनल में फंसे हुए हैं उनकी मानसिक स्थिति बहुत दयनीय होगी। उनके दिमाग में तरह-तरह के बुरे ख्याल आ रहे होंगे। इसके साथ ही परिवार से जुड़ी हुई यादें उनके दिमाग में चल रही होंगी।

मजदूरों के दिमाग में सिर्फ एक सवाल बाहर निकल पाएंगे या नहीं

मनोचिकित्सक डॉ मुकुल शर्मा का कहना है कि मजदूरों के दिमाग में रह रह के एक ही सवाल आ रहा होगा कि वो यहां से बाहर निकल भी पाएंगे भी या नहीं। इसके साथ ही उनके मन में यही ख्याल आ रहा होगा की वो कहां फंस गए हैं। ऐसे में उनका दिमाग भी सही तरह से काम नही कर रहा होगा।

परिवार वालों का भी बुरा हाल

डॉ मुकुल शर्मा का कहना है कि इस स्थिति में उनके परिवार का भी यही हाल होगा। उनके परिवार के लोग भी यही सोच रहे होंगे कि किस तरह से उनके परिवार के लोग उस टनल से सही सलामत बाहर आ जाएं।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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