पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत सरकार मोदी सरकार किसानों को 1 वित्तीय साल में 3 किस्तों में 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद करती है। हर किस्त में किसानों के खाते में 2000 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं। आइए जानते हैं कि किसान सम्मान निधि योजना का लाभ कैसे मिलता है और इसके लिए किसान कैसे आवेदन कर सकते हैं ?
अब तक जुड़े करोड़ों लाभार्थी, ये हैं शर्तें
देश में करीब 11 करोड़ से ज्यादा किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ चुके हैं। अब तक किसानों को 15 किस्त के पैसे ट्रांसफर हुए हैं और 28 फरवरी को 16वीं किस्त जारी हो रही है। इस योजना का लाभार्थी बनने के लिए कुछ शर्तें हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी है। इसके बाद ही इस योजना का लाभ लिया जा सकता है। किसका नाम तय होगा या नहीं इसके लिए भी एक पूरी प्रक्रिया है।
आइये जानते हैं कि पीएम किसान सम्मान योजना के तहत बेनेफिशियरी की किस तरह से पहचान होती है और उन्हें पेमेंट के लिए कैसे शॉर्टलिस्ट किया जाता है। इन प्रकियाओं को पूरा करने के बाद ही किसी किसान को मिलता है किसान सम्मान निधि का लाभ।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना प्रोसेस
पीएम किसान योजना के तहत लाभ के लिए पात्र किसान फैमिली की पहचान करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से राज्य की सरकारों की होती है। एक बार जब किसान आवेदन कर देता है तो अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित राज्यों में लैंड ओनरशिप सिस्टम या लैंड के रिकॉर्ड का उपयोग बेनेफिशियरी की पहचान करने के लिए किया जाता है।
एक बार उनकी पहचान करने के बाद जरूरी डॉक्यूमेंट्स का मिलान किया जाता है। अगर शर्तों के हिसाब से सब कुछ सही मिलता है तो वह किसान फैमिली 6000 रुपये सालाना किस्त के लिए सेलेक्ट हो जाती है।

ऑनलाइन होती है प्रक्रिया
इसके बाद राज्य सरकारें पीएम-किसान पोर्टल पर किसान फैमिली का विवरण अपलोड करती है। यानी पीएम-किसान पोर्टल पर किसान की फैमिली के विवरण अपलोड करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से राज्य सरकारों की होती हैं। एक बार आवेदन करने के बाद राज्य या क्रेंदशासित राज्य की सरकारों को इस बारे में जांच करने का अधिकार है। सब कुछ सही पाए जाने पर ही इस योजना के तहत फायदे का हकदार माना जाता है।
ये डीटेल्स बताना है जरूरी
- नाम, उम्र, जेंडर, कैटेगरी ( SC,ST)
- आधार नंबर
- बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड
- एक्टिव मोबाइल नंबर
गलत सूचना भर दी तो क्या होगा?
अगर किसी व्यक्ति द्वारा दी गई सूचना में कुछ गलती हो जाती है तो किस्त रुक जाती है। गलती में आधार नंबर, बैंक अकाउंट नंबर, नाम या पता कुछ भी हो सकता है। हालांकि इन गलतियों में सुधार किया जा सकता है। पीएम किसान की वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर किसान गलती सुधार सकते हैं। जो किस्त रुकती है, आगे उसकी भी भरपाई हो जाती है।
आप pmkisan.gov.in पर जाकर अपने आवेदन का स्टेटस पता करने के साथ ही कई और जानकारियां भी ले सकते हैं। इस बारे में अपने नजदीकी कंप्यूटर सेवा केंद्र पर जाकर भी जानकारी ले सकते हैं। इस योजना की एक बड़ी खासियत ये भी है कि इस योजना का लाभ लेने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है।
मोदी सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में है शामिल
किसान सम्मान निधि योजना को मोदी सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में से एक माना जाता है। इस योजना का जिक्र पीएम मोदी अक्सर करते हैं। यही नहीं बीजेपी भी इसे चुनावी सभाओं में एक बड़ी योजना के तौर पर पेश करती रही है। आपके मन में सवाल उठ सकता है कि किसान सम्मान निधि योजना कब शुरू हुई ? तो आपको बता दें कि किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत पीएम नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को की थी।