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सिलक्यारा पहुंचा हैदराबाद से प्लाज्मा कटर, इंतजार कर रहे परिजनों का टूटने लगा सब्र का बांध

सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने की जद्दोजहद जारी है। लेकिन हर बार मशीन के आगे बाधा आने से रेस्क्यू अभियान में दिक्कतें आ रही है। आज रेस्क्यू अभियान का 15वां दिन है। हैदराबाद से प्लाज्मा कटर सुबह तड़के पांच बजे सिलक्यारा पहुंच गया था।

सिलक्यारा पहुंचा हैदराबाद से प्लाज्मा कटर

ऑगर मशीन के फंसे बरमे को काटने के लिए तड़के पांच बजे हैदराबाद से प्लाज्मा कटर पहुंच गया है। जिससे अभी तक 27 मीटर बरमे को काटकर निकाला जा चुका है। जबकि 18 मीटर तक और काटकर निकाला जाना बाकी है। माना जा रहा है कि इस काम में अभी एक से डेढ़ दिन का समय और लगने की उम्मीद है।

परिजनों का टूटने लगा सब्र का बांध

सुरंग में फंसे श्रमिकों के परिजनों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। शनिवार को श्रमिकों ने अपने परिजनों से बात की। अपनों से बात कर निकले परिजनों का कहना है कि वह हर दिन इसी उम्मीद में रहते हैं कि आज सभी को सुरंग से बाहर निकाल लिया जाएगा। लेकिन रोज उनकी उम्मीद टूट जाती है।

श्रमिकों को दी जाएगी लैंडलाइन सुविधा

श्रमिकों को सुरंग के अंदर लैंडलाइन सुविधा दी जाने की तैयारी है। BSNL के कर्मचारी कुंदन ने बताया कि, ‘सरकार के निर्देश पर, यहां एक लैंडलाइन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए तार बिछाने का प्रयास किया जा रहा है। अंदर फंसे मजदूरों को लैंडलाइन (फोन) भेज दिया जाएगा ताकि वे अपने परिवार के सदस्यों से बात कर सकें।’

Sakshi Chhamalwan

Sakshi Chhamalwan उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया से जुड़ीं युवा पत्रकार हैं। साक्षी टीवी मीडिया का भी अनुभव रखती हैं। मौजूदा वक्त में साक्षी खबरउत्तराखंड.कॉम के साथ जुड़ी हैं। साक्षी उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल के साथ साथ, देश, दुनिया, और धर्म जैसी बीट पर काम करती हैं।
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