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दून में पेड़ों के काटने के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, दिलाराम बाजार से सेंट्रियो मॉल तक निकाली पर्यावरण बचाओ पदयात्रा

देहरादून में कैंट रोड व खलंगा में हरे पेड़ काटे जाने को लेकर बीते कई दिनों से भारी आक्रोश लोगों में देखने को मिल रहा है। बेशक सीएम धामी ने पेड़ों के काटने पर रोक लगा दी हो लेकिन लोगों का गुस्सा अभी भी कम नहीं हुआ है। ना ही पर्यावरण प्रेमियों की चिंता कम हुई है। आज दून में हरे पेड़ों को काटने से बचाने के लिए दिलाराम बाजार से सेंट्रियो मॉल तक पर्यावरण बचाओ पदयात्रा निकाली गई।

पर्यावरण प्रेमियों ने निकाली निकाली पर्यावरण बचाओ पदयात्रा

राजधानी दून में भले ही सीएम के कैंट रोड व खलंगा में हरे पेड़ काटे जाने पर रोक लगा दी हो। लेकिन पर्यावरण प्रेमियों की चिंता अभी भी जरा सी भी कम नहीं हुई है। दून में पेड़ों को विकास की भेंट चढ़ने से कैसे रोका जाए इसी संकल्प के साथ रविवार सुबह सैंकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। दिलाराम बाजार से सेंट्रियो मॉल तक पर्यावरण बचाओ पदयात्रा निकाली गई। 

 हरियाली कम होने से लगातार बढ़ रहा है तापमान

पर्यावरण बचाओ पदयात्रा में कई विभिन्न संगठनों ने हिस्सा लिया। पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि लगातार पेड़ काटने से दून की हरियाली कम हो रही है। हरियाली कम होने के कारण यहां का तापमान तेजी से बड़ रहा है। इसके साथ ही दून के बाग-बगीचे खत्म हो गए हैं। पेड़ काटने के कारण यहां के जलस्रोत भी सूख गए हैं।

सरकार को पेड़ों को काटने से बचाना होगा

पर्यावरण बचाओ पदयात्रा में शामिल हुए पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि नदी-नालों पर अतिक्रमण हो गया है। सड़कों को चौड़ा करने के लिए हजारों पेड़ों को काटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को पेड़ों को काटने से बचाना होगा। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि इसी तरह से अगल पेड़ों को काटा जाता रहा तो 2047 में विकसित भारत तो छोड़िए 2037 तक ही ये दून घाटी हरियाली विहीन हो जाएगी।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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