फर्जी रजिस्ट्री मामले में एक और आरोपी अरेस्ट, अभी तक हो चुके हैं 13 आरोपी गिरफ्तार

फर्जी रजिस्ट्री घोटाले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी फोरेंसिक एक्सपर्ट है। आरोपित की कूटरचित अभिलेख तैयार करने में अहम भूमिका रही है। बता दें अभी तक पूरे मामले में 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
फर्जी रजिस्ट्री मामले में एक और आरोपी अरेस्ट
आरोपी की पहचान अजय मोहन पालीवाल (53) पुत्र मनमोहन मूल निवासी मुजफ्फरनगर हाल निवासी ऋषिविहार देहरादून के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा दी जानकारी के मुताबिक फोरेंसिक एक्सपर्ट है। आरोपित ने बताया कि उसका चेम्बर C-35 कचहरी मुज्जफरनगर में है। उसने 1988 से हस्ताक्षर मिलान व हस्तलेख मिलान का PRIVATE काम शुरू किया था।
फर्जी दस्तावेज करता था आरोपी
पूर्व में आरोपी सुभाष विरमानी का साइन कम्पेयर का काम करता था। फिर कमल विरमानी का काम भी उसके पास आने लगा। आरोपी हस्तलेख, हस्ताक्षर विशेषज्ञ था इस वजह से कंवरपाल सिंह व ओमवीर तोमर ने अजय मोहन को फर्जी दस्तावेज तैयार करने के एवज में अच्छी रकम देने की बात कही जिस पर आरोपी ने हामी भर दी।
कंवरपाल व उसके अन्य साथी ठेकेदारी के टेण्डर के साथ दाखिल स्टाम्प पेपरों को कार्यालयों से प्राप्त कर कोरा बना देते थे। फिर स्केच पेन को गीला कर उन्ही लाईनो के उपर लिख देते थे व अधिकारियों के हस्ताक्षर स्कैन कर कागज पर छापते थे।
ये है पूरा मामला
विदित है कि रायपुर स्थित टी-स्टेट की 12.5 एकड़ भूमि की फर्जी रजिस्ट्री व दस्तावेज तैयार कर करोड़ों की हेराफेरी का मामला सामने आया था। अभी तक देहरादून पुलिस इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।