मसूरी विंटरलाइन कार्निवल का हुआ फीका आगाज, पर्यटकों के लिए नहीं बना आकर्षण का केंद्र

बीते कुछ सालों से पहाड़ों की रानी में विंटरलाइन कार्निवल का आयोजन किया जाता है। हर साल पर्यटकों के लिए विंटरलाइन कार्निवल आर्कषण का कैंद्र होता है। लेकिन इस साल मसबरी में मसूरी विंटरलाइन कार्निवल का फीका आगाज हुआ है।
मसूरी विंटरलाइन कार्निवल का हुआ फीका आगाज
पिछले कुछ सालों से मसूरी में देश विदेश के सैलानियों को गढ़वाल की संस्कृति, खानपान और सांस्कृतिक परंपराओं से रूबरू कराने के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा विंटर लाइन कार्निवल का सफल आयोजन किया जाता रहा है। इसी कड़ी में इस साल भी 27 दिसंबर से 30 दिसम्बर तक विंटर लाइन कार्निवल का आयोजन हो रहा है। जिसमें आज लैंडोर स्थित सर्वे ग्राउंड से शोभायात्रा निकाल कर कार्निवल का आगाज किया गया।
लेकिन जैसा बीते सालों में देखा जाता रहा है कि सर्वे ग्राउंड से निकलने वाली कार्निवल की शोभा यात्रा में बहुत भीड़ दिखाई देती थी जिसमे की ITBP फोर्स का बैंड, लगभग 10 हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यमों के स्कूल्स के बैंड पर छात्र-छात्राएं मार्च पास्ट करते हुए दिखाई देते थे। इसके साथ ही सैंकड़ों की संख्या में स्थानिय नागरिक प्रतिभाग करते हुए चलते थे। इस बार भीड़ कहीं नजर नहीं आई।
शासन की तरफ से नहीं दिखी कोई पुख्ता तैयारी
इस बार विंटर कार्निवल की शोभायात्रा में सर्व ग्राउंड में ना तो भीड़ दिखाई दी और ना ही विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं और ना ही आइटीबीपी का बैंड दिखाई दिया। सिर्फ गिने चुने गढ़वाल के पारंपरिक परिधानों में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करते दो-तीन ग्रुप दिखाई दिए। इसके अलावा प्रशासन की तरफ से कोई पुख्ता तैयारी भी दिखाई नहीं दी। हांलाकि शोभा यात्रा के दौरान ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई जिसको लेकर पुलिसकर्मी शोभायात्रा के दौरान ट्रैफिक को हटाते दिखाई दिए।
कांग्रेस ने लगाए प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने मात्र 10 दिनों में विंटर कार्निवल को आयोजित करने का फैसला किया है जिसके लिए ना तो पूर्व से कोई उचित प्लानमैप भी तैयार नहीं किया गया। इसमें कहीं ना कहीं प्रशासन की लापरवाही साफ नजर आती है क्योंकि किसी भी तरीके का प्रचार-प्रसार इस बार नहीं किया गया। ये साफ दर्शाता है कि ये मात्र खाना पूर्ति बन कर रह गया है। इस मौके पर गढ़वाल महासभा की अध्यक्षा ने भी माना जी प्रसाशन की थोड़ी कमी रह गयी है। किंतु आज क्योंकि पहला दिन है तो शायद आने वाले समय में भीड़ जुटने की संभावना है।