
‘मनरेगा योजना’ के नाम और इसके प्रावधानों में हुए बदलाव के बाद पूरे देश में विपक्ष हंगामा कर रहा है। देश के गरीब तबके से जुड़ी इस योजना को लेकर हर तरफ चर्चा हो रही है। वहीं उत्तराखंड में मनरेगा योजना से जुड़ा अजीबों-गरीब मामला सामने आया है। जिसमें पुरोला के विधायक दुर्गेश्वर लाल फंस गए हैं।
मनरेगा योजना के तहत पैसे ले रहे थे पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल
बता दें उत्तरकाशी के पुरोला विधानसभा से बीजेपी विधायक दुर्गेश्वर लाल (BJP MLA Durgeshwar Lal) का नाम मनरेगा मजदूर के तौर पर मनरेगा पोर्टल पर दर्ज है। विभाग की ओर से विधायक को 2021 और साल 2022 में विधायक बनने के बाद भी मनरेगा की मजदूरी दी जा रही है।
विधायक और उनकी पत्नी के खाते में आ रहे थे पैसे
जानकारी के मुताबिक दुर्गेश्वर लाल 2022 में विधायक बने लेकिन विधायक बनने से पहले से ही उनका मनरेगा जॉब कार्ड बना हुआ था। इस मनरेगा जॉब कार्ड के जरिए कई बार उन्हें और उनकी पत्नी को मनरेगा मजदूरी का भुगतान हुआ। पोर्टल पर विधायक रहते हुए उन्हें तीन कार्यों का भुगतान 5 हजार 214 रुपए का हुआ है। हालांकि विभाग साल 2021 से 2025 तक के कार्यों में दोनों पति-पत्नी के खातों में करीब 22 हजार 962 रुपए डाल चुका है।
मुझे बदनाम करने की हो रही साजिश: MLA
आपको जानकार हैरानी होगी कि ये भुगतान सड़क निर्माण और वृक्षारोपण पर दिया गया है। अब इस चुक को लेकर विकासखंड कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि दुर्गेश्वर लाल का विधायक बनने से पहले बने मनरेगा जॉब कार्ड के आधार पर ये भुगतान हुआ। उधर विधायक का कहना है कि ये उनका बदनाम करने की ये साजिश है।
गरीबों का हक़ लूट रहे BJP विधायक: गोदियाल
वहीं कांग्रेस ने इस मामले के सामने आने के बाद सरकार को घेरने का काम किया है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का आरोप है कि बीजेपी विधायक दुर्गेश्वर लाल ने गरीबों का हक लूटने का काम किया है।
संजीदा विधायकों में होती है विधायक दुर्गेश्वर लाल की गिनती
आपको बता दें कि बीजेपी विधायक दुर्गेश्वर लाल की गिनती एक संजीदा विधायकों में होती है। ऐसे विधायक जो अकसर अपने क्षेत्र की तमाम चीज़ों को लेकर अपनी ही सरकार को असहज कर देते हैं और लापरवाह अधिकारियों को लेकर भी खुलकर बोलते हैं। लेकिन अब सवाल उनकी गंभीरता पर उठ रहा है कि क्या विधायक जी को ये मालूम नहीं था कि उनका मनरेगा जॉब कार्ड बना हुआ है।