विधायक अरविंद पांडेय ने SDM को लिखा पत्र, बोले मेरे आवास से जल्द हटाए अतिक्रमण

उधम सिंह नगर में घमासान मचा हुआ है। बीजेपी विधायक अरविंद पांडेय एक बार फिर से चर्चाओं में आ गए हैं। इस बार अरविंद पांडेय ने कुछ ऐसा किया है कि वो न सिर्फ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को मुश्किल में डालने वाला है बल्कि सरकार के लिए भी मुश्किलें खड़ा करने वाला है।
दो गुटों के शीत युद्ध में पीस रहे प्रशासनिक अधिकारी
उधम सिंह नगर में बीजेपी में मचा घमासान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हालात ये हैं कि अब BJP के दो गुटों के शीत युद्ध में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी पीस रहे हैं। दरअसल हाल ही में गदरपुर से बीजेपी विधायक अरविंद पांडेय पर आरोप लगा कि उन्होंने सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जा कर रखा है। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने बाकायदा इस संबंध में एक नोटिस निकाला और ये नोटिस अरविंद पांडेय के जरिए कथित तौर पर अतिक्रमण किए गए हिस्से पर चिपका भी दिया गया।
अधिकारियों को पत्र लिख किया जमीन को अपने कब्जे में लेने का अनुरोध
नोटिस के चस्पा होते ही सूबे में हंगामा मच गया। अरविंद पांडेय के सैंकड़ो समर्थक खड़े हो गए। अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। विधायक ने एसडीएम को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि गूलरभोज के संतोष नगर वार्ड नंबर 3 स्थित उनके कैंप कार्यालय को अतिक्रमण की जद में बताते हुए तहसील प्रशासन ने 19 जनवरी को उनके बेटे अतुल पांडेय के नाम नोटिस जारी किया था।
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नोटिस में 15 दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। विधायक ने कहा 15 दिन से अधिक गुजर चुके हैं, ऐसे में तत्काल इस अतिक्रमण को हटाया जाना चाहिए। पत्र में उन्होंने उल्लेख किया कि उनके कैंप कार्यालय समेत जो भी भूमि अतिक्रमण में है, प्रशासन उनकी उपस्थिति में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंच नियमानुसार उसे अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई करे।
मुश्किल में फंसे अधिकारी
विधायक के इस कदम ने अब जिले के अधिकारियों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। अगर वो अतिक्रमण हटाने जाते हैं तो विधायक के समर्थकों के नाराज होने का खतरा है। फिर जाहिर है कि ये काम अरविंद पांडेय को पॉलिटिकल माइलेज भी देगा। और अगर नहीं हटाते हैं तो अपनी ही दी हुई नोटिस को तामील न करा पाने के आरोप सुनने पड़ेंगे। अब देखना ये है कि इस घटनाक्रम के बीच सरकार क्या कदम उठाती है।