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भूख हड़ताल पर बैठे जूनियर डॉक्टर्स, ममता सरकार के सामने रखी ये डिमांड

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर से रेप और मर्डर के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। इसी बीच, जूनियर डॉक्टरों ने दुर्गा पूजा से तीन दिन पहले शनिवार शाम को आमरण अमशन शुरु कर दिया। डॉक्टरों ने कोलकाता के धर्मतला में डोरीना क्रॉसिंग पर अपना धरना शुरु किया और बंगाल सरकार को अपनी मांगे पूरी करने के लिए 24 घंटे की टाइम लिमिट तय की।

मांगे पूरी न होने तक जारी रहेगा अनशन

एक जूनियर डॉक्टर ने मीडिया रिपोर्ट में बताया कि राज्य सरकार डेडलाइन के अंदर काम पूरा करने में नाकाम रही है। इसी वजह से हम आनरण अनशन कर रहे हैं। उन्होनें  कहा कि यह हमारी मांगे पूरी होने तक जारी ही रहेगा। इसी के साथ उन्होनें बताया कि जहां पर हमारे साथी अनशन कर रहे हैं, वहीं पर कैमरे लगा दिए गए हैं। उन्होनें कहा कि हमने कल रात से ही काम संभाल लिया है, लेकिन कुछ भी नहीं खाएंगे।

तबियत बिगड़ी तो होगी राज्य सरकार की जिम्मेदारी

इसी के साथ उन्होनें कहा कि यदि अनशन के दौरान किसी भी डॉक्टर की तबीयत बिगड़ती है तो इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। उन्होनें कहा कि हमें लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है और जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती हैं, तब तक हम अपनी भूख हड़ताल जारी रखेंगे।

क्या है डॉक्टरों की मांग?

बता दें कि प्रदर्शनकारी डॉक्टर 9 अगस्त को मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल मे ट्रेनी डॉक्टर से रेप और हत्या के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। उनकी मांगों में एक यह भी है कि राज्य के स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरुप निगम को हटा दिया जाए। हर एक हॉस्पिटल में टास्क फोर्स बनाने और सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी मांग की गई है। इतना ही नहीं उन्होनें पुलिस सुरक्षा बढ़ाने, स्थानीय महिला पुलिस कर्मियों को भर्ती करने, डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों के खाली पदों को तुरंत भरने की मांग की है।

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