बड़ी खबर: स्वास्थ्य मंत्रालय ने फिर दी चेतावनी, बढ़ रहा है कोरोना का खतरा

देश और दुनिया में बढ़ रहे कोरोना और उसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर सरकार ने एक बार फिर आगाह किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य  सचिव राजेश भूषण ने कहा कि दुनिया में कोरोना की चौथी लहर की आशंका नजर आ रही है। संक्रमण दर 6.1 फीसदी है। हमें सतर्क रहना होगा और हम ढिलाई बर्दाश्त नहीं कर सकते। वहीं, आईसीएमआर ने कहा कि देश में अभी डेल्टा का असर अधिक है। उन्होंने कहा कि यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका में सप्ताह-दर-सप्ताह कोविड-19 मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।

दुनिया में कोविड-19 मामले फिर से पीक (एक दिन में सबसे ज्यादा मामले) छू रहे हैं। 23 दिसंबर को पूरे विश्व में एक दिन में 9,64,000 मामले दर्ज किए गए हैं। यूरोप, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका में लगातार कोविड-19 मामले लगातार बढ़ रहे हैं। राजेश भूषण ने कहा कि एशिया में कोविड मामले अभी भी लगातार घट रहे हैं। भारत में पिछले दो सप्ताह से प्रतिदिन नए मामले लगभग 7000 हैं। भारत में भी कोविड मामले लगातार घट रहे हैं। विश्व में संक्रमण दर 6 फीसदी से ज्यादा है जबकि भारत में 5.3 फीसदी है। पिछले दो सप्ताह में भारत में यह 0.6 फीसदी है। देश में 20 जिले ऐसे हैं जहां संक्रमण दर 5-10 फीसदी है जबकि दो जिले ऐसे हैं जहां संक्रमण दर 10 फीसदी से ज्यादा है। ये दो जिले मिजोरम में हैं। सबसे अधिक सक्रिय मामलों वाले शीर्ष पांच राज्य केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक हैं।

राजेश भूषण ने कहा कि इस समय देश के 17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में 358 ओमिक्रॉन के मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 114 लोग ठीक हो चुके हैं। 183 ओमिक्रॉन मामलों का विश्लेषण किया गया है जिसमें से 121 ने विदेश की यात्रा की थी, 44 विदेश नहीं गए थे लेकिन ज्यादातर के कॉन्टैक्ट ने विदेश यात्रा की थी। 183 में से 87 लोगों ने कोविड की दोनों डोज ली थी। डब्ल्यूएचओ ने 7 दिसंबर को कहा कि डेल्टा के मुकाबले ओमिक्रॉन अधिक संक्रामक है। 5-3 दिनों के भीतर इसके मामले दोगुने हो जाते हैं, इसलिए हमें सतर्क रहना होगा। राजेश भूषण ने कहा कि जो उपचार कोविड-19 और डेल्टा के लिए अपनाए जाते हैं, ओमिक्रॉन पर भी वही लागू होंगे।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 21 दिसंबर को राज्यों को पहले से ही सलाह दी थी कि वे रात में कर्फ्यू, बड़े समारोहों को नियंत्रित करने जैसे प्रतिबंध लागू करें। बिस्तर क्षमता और अन्य लॉजिस्टिक्स में वृद्धि और कोविड उपयुक्त व्यवहार का सख्ती से पालन किया जाए। 89 फीसदी वयस्क आबादी को पहली खुराक मिली है और 61 फीसदी योग्य आबादी को कोविड 19 टीके की दूसरी खुराक मिली है।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस स्थिति को बहुत स्पष्ट रूप से स्पष्ट किया है कि हम अतिरिक्त खुराक की आवश्यकता और समय और टीकाकरण की आयु कम करने के बारे में निर्णय लेने पर विज्ञान और वैज्ञानिक साक्ष्य के साथ शासित होंगे। आईसीएमआर के डीजी डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि हाल ही में पहचाने गए वायरसों सहित भारत में अभी डेल्टा का असर ही अधिक है। इसलिए, हमें कोविड उपयुक्त व्यवहार और टीकाकरण को बढ़ाने की रणनीति जारी रखने की आवश्यकता है।

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